
अपना घर छोड़कर किराये पर रहने को मजबूर, दिल्ली की इस कॉलोनी में सीवर के पानी से बुरा हाल
दिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र की एक कॉलोनी में लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। इस कॉलोनी में दो सौ से अधिक परिवार रहते हैं। इनमें से करीब आधे परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है। गलियों में गंदा सीवर का पानी जमा होने के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है।
दिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र की एक कॉलोनी में लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। इस कॉलोनी में दो सौ से अधिक परिवार रहते हैं। इनमें से करीब आधे परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है। गलियों में गंदा सीवर का पानी जमा होने के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है।
दिल्ली के किराड़ी विधानसभा की शर्मा कॉलोनी में कई गलियों में गंदा सीवर का पानी जमा होने के कारण लोगों ने अपने मकान खाली कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार शर्मा कॉलोनी में दो सौ से अधिक परिवार रहते हैं। इसमें से लगभग आधे परिवार ने गलियों में नाले का गंदा पानी जमा रहने से अपने मकान खाली कर दिए हैं।
ये सभी परिवार शर्मा कॉलोनी से नजदीक की कॉलोनियों में किराए पर रहने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि मैंने अपने परिवार के साथ कुछ समय पहले मकान खाली कर दिया। मैं एक छोटी दुकान शर्मा कॉलोनी से नजदीक चलाता हूं। मैं दिव्यांग हूं। मेरी ही तरह कई परिवार अपना मकान खाली कर चुके हैं।
बेहतर सीवर लाइनों की व्यवस्था की मांग
स्थानीय निवासियों ने कहा कि हमारी मांग है कि विभाग व प्रशासन शर्मा कॉलोनी में जल्द से जल्द सीवर लाइन को बेहतर करने का काम करें। यहां पर अतिरिक्त सीवर लाइनें बिछाई जाएं। जिससे नागरिकों को कॉलोनी में नाले व नालियों का गंदा पानी जमा न हो पाए। साथ ही, बारिश का पानी भी सीवर लाइनों से आगे प्रवाह हो।
निवासियों ने कहा कि जब तक इस कॉलोनी में सही ढांचागत सीवर लाइनों की व्यवस्था नहीं होगी। तब तक यहां पर जमे गंदे पानी को निकालने के बाद भी यह समस्या बरकार रहेगी। इसलिए इस पूरे क्षेत्र में बेहतर सीवर लाइनों की व्यवस्था करना जरूरी है।
जमे पानी को निकाल रहे: निगम
निगम अधिकारियों ने बताया कि शर्मा कॉलोनी में निगम की टीमों को तैनात किया गया है। बीते कुछ दिनों से शर्मा कॉलोनी में निगम के कर्मचारी लगातार यहां पर जमे गंदे पानी को निकाल रहे हैं। इस मामले को लेकर नालियों की गाद निकालने, सफाई करने और कचरा हटाने के लिए निगम की टीमों को किराड़ी के विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई है।

लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।




