कोविड में ड्यूटी करते हुए गंवाई थी जान, अब CM ने परिजनों को सौंपा आर्थिक सहायता का चेक; मिली इतनी राशि
गुप्ता ने सहायता राशि देने में हुई देरी पर दुख जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे मामलों को अब सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगे किसी भी पात्र परिवार को मदद पाने के लिए बेवजह इंतजार न करना पड़े।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान ड्यूटी करते हुए अपनी जान गंवाने वाले छह सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को बुधवार को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम महज़ एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सहानुभूति और सम्मान की एक दिली अभिव्यक्ति है। आगे उन्होंने कहा कि, 'कोविड योद्धाओं के परिवारों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। यह आर्थिक मदद केवल एक सहारा है ताकि परिवारों को रोजमर्रा की परेशानियों में कुछ राहत मिल सके।'
इस मौके पर सचिवालय में हुए एक कार्यक्रम में सीएम गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली परिवहन निगम (DTC), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) एवं मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से जुड़े छह दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए के चेक सौंपे। गुप्ता ने कहा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और वे केवल अपने परिवारों के ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के नायक हैं।
6 साल से बकाया थी सहायता राशि
इस बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए सीएम ने बताया, ‘कोरोना काल में हमारे फ्रंटलाइन वर्कर्स ने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए दिल्लीवासियों की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। आज उनके परिवारों से मिलकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। 6 परिवारों को वर्षों से लंबित एक-एक करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी और यह विश्वास दिलाया कि हमारी सरकार सम्मान, संवेदना और संकल्प के साथ हर परिस्थिति में उनके साथ दृढ़ता से खड़ी है।’
देरी को लेकर सीएम ने जताया दुख
इस दौरान गुप्ता ने सहायता राशि देने में हुई देरी पर दुख जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे मामलों को अब सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगे किसी भी पात्र परिवार को मदद पाने के लिए बेवजह इंतजार न करना पड़े।
ड्यूटी पर जान गंवाने वाले ASI के परिजनों को भी दी मदद
अपनी पोस्ट में सीएम ने आगे लिखा, ‘साथ ही, दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक यूनिट के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) श्री राधे श्याम जी के परिजनों को भी 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह सहायता उस अपूरणीय क्षति की पूर्ति नहीं कर सकती, पर यह हमारे उस अटूट संकल्प का प्रतीक है कि इन सभी कर्मयोगियों का बलिदान सदैव स्मरण में रहेगा और दिल्ली सदा उनके प्रति कृतज्ञ रहेगी।’
'अपना घर आश्रम' को भी मिले 1 करोड़
बुधवार को ही मुख्यमंत्री ने दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (DSIIDC) की सीएसआर पहल के अंतर्गत बुढपुर स्थित 'अपना घर आश्रम' को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक वितरित किया। इस बारे में जानकारी देते हुए सीएम ने लिखा, 'बुढपुर स्थित ‘अपना घर आश्रम’ को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की। यह सहयोग आश्रम में रह रहे निराश्रित लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और दैनिक देखभाल जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ करेगा, ताकि हर जरूरतमंद को सम्मान और स्नेह के साथ संबल मिल सके। इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी श्री मनजिंदर सिंह सिरसा जी भी उपस्थित रहे।'
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।


