
दिल्ली की सांसों पर धुंध का साया, दिवाली के बाद हवा हुई और जहरीली; देखिए टॉप-10 AQI वाले इलाके
दिवाली की रात हुई आतिशबाजी के बाद दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मंगलवार सुबह 350 के पार होकर 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया, वहीं बवाना और वजीरपुर जैसे इलाकों में AQI 427 दर्ज हुआ जो 'गंभीर' श्रेणी में है और हवा में PM 2.5 का स्तर मानक से 29 गुना ज्यादा हो गया है।
दिल्ली की सुबह आज कुछ ऐसी थी, मानो शहर धुंध के घने कंबल में लिपट गया हो। दिवाली की रात जगमगाती आतिशबाजियों के बाद मंगलवार की सुबह दिल्लीवासियों के लिए और मुश्किल लेकर आई। हवा में जहर घुल चुका है और शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बेहद खराब' की श्रेणी में जा पहुंचा। CPCB के मुताबिक, सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 350 तक पहुंच गया, और कई इलाकों में तो यह 'गंभीर' स्तर को भी पार कर गया। जानिए दिल्ली में कहां कितना एक्यूआई है।
दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाके
दिल्ली के कई इलाकों में हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना भी दूभर हो गया है। मंगलवार सुबह के आंकड़ों ने साफ कर दिया कि शहर के कई हिस्सों में प्रदूषण ने खतरे की घंटी बजा दी। दिल्ली के 10 सबसे प्रदूषित इलाकों की लिस्ट, जहां AQI ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए..
| इलाका | AQI | श्रेणी |
|---|---|---|
| 1. बवाना | 427 | गंभीर |
| 2. वजीरपुर | 408 | गंभीर |
| 3. अलीपुर | 408 | गंभीर |
| 4. जहांगीरपुरी | 407 | गंभीर |
| 5. बुराड़ी क्रॉसिंग | 402 | गंभीर |
| 6. शादीपुर | 399 | बेहद खराब |
| 7. अशोक विहार | 391 | बेहद खराब |
| 8. पंजाबी बाग | 376 | बेहद खराब |
| 9. सोनिया विहार | 374 | बेहद खराब |
| 10. विवेक विहार | 374 | बेहद खराब |
इनके अलावा, दिल्ली के कई और इलाकों जैसे जेएलएन स्टेडियम (AQI 318), आईटीओ (AQI 347), आया नगर (AQI 312), लोदी रोड (AQI 327), आनंद विहार (AQI 360), ओखला फेज-2 (AQI 353), दिल्ली यूनिवर्सिटी का नॉर्थ कैंपस (AQI 363) और दिलशाद गार्डन (AQI 357) में भी हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' रही। यहां तक कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भी AQI 313 के साथ 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज हुआ।
दिवाली की रात ने बढ़ाई मुसीबत
दिवाली की रात दिल्ली में आतिशबाजियों का रंग-बिरंगा नजारा तो खूबसूरत था, लेकिन इसकी कीमत शहर की हवा को चुकानी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी थी, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। इनमें एनसीआर के बाहर से पटाखे लाने पर रोक और केवल तय समय (शाम 6-7 बजे और 8-10 बजे) में पटाखे जलाने की अनुमति शामिल थी। लेकिन, दिवाली की रात कई जगहों पर तय समय से बाहर भी पटाखे जलाए गए। इसके बाद दिल्ली के कुछ हिस्सों में PM 2.5 का स्तर तय मानक से 29 गुना ज्यादा हो गया। यही नहीं, सर्दी की शुरुआत के साथ दिल्ली हर साल इस जहरीली हवा की चपेट में और गहरे आ जाती है।





