दिल्ली ब्लास्ट: 3 टुकड़े में किसकी लाश? अब तक कोई नहीं आया सामने, शाह ने दिए ये आदेश
संक्षेप: दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके में जान गंवाने वालों में से 8 लोगों की पहचान कर ली गई है। इन 8 शवों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। एक डेड बॉडी की पहचान पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बन गई है।
दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास हुए धमाके में जान गंवाने वालों में से 8 लोगों की पहचान कर ली है। इन लोगों का पोस्टमार्टम भी करा दिया गया है। इन 8 लोगों के शवों को मंगलवार दोपहर तक परिजनों को सौंप दिया गया था। पुलिस ने सभी शवों की पहचान के साथ इस बात का ध्यान रखा था कि कोई भी डेड बॉडी किसी गलत परिवार तक न पहुंच जाए। एक अन्य डेड बॉडी की पहचान नहीं हो सकी है। यह लाश तीन टुकड़ों में मिली है। इस बीच घटनास्थल पर मिले अवशेषों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक निर्देश दिए हैं।

3 टुकड़ों वाली डेड बॉडी की पहचान बड़ी चुनौती
पुलिस के सामने एक डेड बॉडी की पहचान बड़ी चुनौती बन गई है। यह शव तीन टुकड़ों में अस्पताल पहुंचा था। इसमें एक हाथ, एक पैर और धड़ का का छोटा सा हिस्सा शामिल है। गौर करने वाली बात यह भी कि इस डेड बॉडी पर दावा करने वाला कोई सामने नहीं आया है। ऐसे में दिल्ली पुलिस यह मान कर चल रही है कि यह शव ब्लास्ट होने वाली कार में मौजूद फिदायीन का हो सकता है।
किसी ने नहीं किया दावा
इस डेड बॉडी की पहचान के लिए पुलिस के पास मंगलवार शाम तक कोई नहीं पहुंचा था। पुलिस सूत्रों की माने तो ब्लास्ट में पुलिस डॉ. उमर की तलाश कर रही है। पुलिस मान कर चल रही है कि ब्लास्ट के दौरान मोहम्मद उमर गाड़ी में मौजूद था। यह शव उसी का हो सकता है। उधर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. उमर की मां के नमूने लिए हैं।
डीएनए जांच से होगी पहचान
बदरपुर टोल और ओखला स्थित पैट्रोल पम्प पर मिले सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में उमर गाड़ी के अंदर दिखाई दे रहा है। पुलिस ने उमर के पुलवामा स्थित घर से उसके भाई डॉ. सज्जद और परिजनों को हिरासत में लिया है। पुलिस मोहम्मद उमर की मां से इस शव का डीएनए मैच करवाएगी। यदि शव मोहम्मद उमर का होगा तो उसकी पहचान हो जाएगी।
मोहम्मद उमर नहीं तो फिर कौन?
यदि डीएनए जांच के बाद भी तीन टुकड़ों में बंटी लाश की पहचान मोहम्मद उमर की डेड बॉडी के तौर पर नहीं होती है तो पुलिस के सामने इसकी पहचान बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में यह उमर का साथी भी हो सकता है। इसके बारे में माना जा रहा है कि यह शख्स पहले से ही दिल्ली में मौजूद था। यदि ऐसा होता है तो पुलिस के सामने नए शख्स की पहचान के साथ ही उसके बारे में जानकारी जुटाने की बड़ी चुनौती होगी।
गृह मंत्री शाह ने दिए ये आदेश
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एफएसएल को विस्फोट में इस्तेमाल कार से मिले अवशेषों से लिए गए नमूनों का मिलान करने का निर्देश दिया है। एफएसएल को विस्फोट स्थल से लिए नमूनों का मिलान और जांच करने के साथ ही घटना की डिटेल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अमित शाह की अध्यक्षता में हुई दूसरी सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद उक्त निर्देश दिए गए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में फोरेंसिक विज्ञान सेवाओं के निदेशक और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला दिल्ली के मुख्य निदेशक भी शामिल हुए।
(पीटीआई के इनपुट के साथ)





