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दिल्ली धमाके में 7 दिन बाद एक और मौत, कट गया था पैर और झुलस गए थे विनय पाठक

दिल्ली धमाके में 7 दिन बाद एक और मौत, कट गया था पैर और झुलस गए थे विनय पाठक

संक्षेप:

दिल्ली विस्फोट में घायल एक और शख्स की मौत हो गई। 55 वर्षीय विनय पाठक का लोकनायक अस्पताल में इलाज चल रहा था। विनय दिल्ली के आया नगर का रहने वाले थे। इस तरह बम धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।

Nov 17, 2025 06:34 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट में घायल एक और शख्स की मौत हो गई। इसके साथ ही दिल्ली धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बताया जाता है कि हमले के 7 दिन बात 55 वर्षीय विनय पाठक की लोकनायक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। विनय दिल्ली के आया नगर का रहने वाले थे। ब्लास्ट में उनका एक पैर कट गया था। इसके अलावा हाथों में फ्रैक्चर था। धमाके में वह 60 फीसदी झुलस गए थे।

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बताया जाता है कि वह पिछले कई दिनों से आईसीयू में वेंटिलेटर पर मौत से जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस बीच जांचकर्ता हमलावर डॉ. उमर उन नबी के अंतिम मूवमेंट को लेकर छानबीन कर रहे हैं। एनआईए, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जांचकर्ताओं ने हमलावर के आखिरी पलों का पता लगाने के लिए कुल 65 सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं।

सबसे तगड़ा सुराग अल-फलाह यूनिवर्सिटी से 800 मीटर दूर धौज बाजार में लगे एक सीसीटीवी कैमरे से मिला है। इस सीसीटीवी से मिले 30 अक्टूबर की तारीख वाले फुटेज में डॉ. उमर एक मेडिकल स्टोर में काले बैग और 2 फोन के साथ बैठा दिखाई नजर आ रहा है। फुटेज में डॉ. उमर एक फोन दुकान मालिक को चार्जिंग के लिए देता नजर आ रहा है। यही वजह है कि जांच टीमें हमलावर उमर नबी के इस्तेमाल किए इन 2 मोबाइल फोन की तलाश कर रही हैं।

डॉ. उमर ने 30 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच इन दो फोन का इस्तेमाल किया था। फिलहाल दोनों फोन गायब हैं। सूत्रों ने बताया कि जांच में यह पता चला है कि कुल पांच सिम कार्ड कथित हमलावर से जुड़े थे। ये सिम कार्ड 30 अक्टूबर को निष्क्रिय कर दिए गए थे। इन सिम कार्ड को उसी दिन नष्ट किया गया था जिस दिन हमलावर डॉ. उमर का करीबी सहयोगी डॉ. मुजम्मिल शकील गनई हिरासत में लिया गया था।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh
पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों से केबी उपनाम से पहचान रखने वाले कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह लोकमत, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। मूलरूप से यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुके हैं। लॉ और साइंस से ग्रेजुएट केबी ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमफिल किया है। वह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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