
दिल्ली धमाके में कैसे आ रहा है पाकिस्तान और जैश-ए-मोहम्मद का नाम, डॉ. राथर का भी बड़ा रोल
ऑपरेशन सिंदूर के बाद शांत पड़े पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने एक बार फिर बड़ी घटना को अंजाम देने का दुस्साहस किया है। करीब एक दशक बाद दिल्ली में हुए किसी आतंकी वारदात के तार अब सीमापार तक जा रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद शांत पड़े पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने एक बार फिर बड़ी घटना को अंजाम देने का दुस्साहस किया है। करीब एक दशक बाद दिल्ली में हुए किसी आतंकी वारदात के तार अब सीमापार पाकिस्तान तक जा रहे हैं। अबतक की जांच के आधार पर एजेंसियों का मानना है कि दिल्ली में धमाका प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद की साजिश है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि फरीदाबाद मॉड्यूल के पकड़े गए संदिग्ध इन प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े थे और उनके इशारे पर काम कर रहे थे। इसका खुलासा धर-पकड़ की कार्रवाई करने के बाद कश्मीर पुलिस ने किया था। चूंकि, इन दोनों संगठनों के कमांडर का बेस पाकिस्तान में है। ऐसे में एजेंसियों का मानना है कि इस साजिश को रचने के लिए पाकिस्तान से निर्देश मिले हैं और वारदात में डॉक्टरों के मॉड्यूल को शामिल कर धमाके के लिए इस फिदायीन ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है।
वहीं, मॉड्यूल से जुड़ा एक संदिग्ध डॉ. मुजफ्फर अहमद राथर करीब दो महीने पहले ही भागकर सीमापार चला गया था और उसके पाकिस्तान में होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि पार्किंग में बैठे कथित फिदायीन उमर को निर्देश भी फरार संदिग्ध के जरिए ही मिल रहा था। दरअसल, राथर के जैश कमांडर से सीधे जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इसलिए इसे इस मॉड्यूल का सरगना भी माना जा रहा है।
कौन है डॉ. राथर?
डॉ. मुजफ्फर अहमद राथर फरीदाबाद मॉड्यूल का एक अहम सदस्य है। करीब दो महीने पहले वह पाकिस्तान भाग गया था। वह दक्षिण कश्मीर के वानपोरा काजीगुंड का निवासी है। राथर यूपी के सहारनपुर में गिरफ्तार किए गए आतंकी डॉ. आदिल अहमद राथर का भाई है। पुलिस को शक है कि जैश व अंसार गजवात से यह फरार आतंकी सीधे तौर पर जुड़े हैं और इसके जरिए ही डॉक्टरों के इस मॉड्यूल को निर्देश दिए जा रहे थे। जांच एजेंसियों को शक है कि पार्किंग में बैठकर संदिग्ध डॉ. उमर इस फरार आतंकी से ही निर्देश ले रहा था।



