
धमाके से पहले इस मस्जिद में रुका था हमलावर उमर; फिर 'सुनहरी' की पार्किंग में गया
संक्षेप: दिल्ली के लाल किले के समीप हुए कार धमाके के मामले में एक और खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि धमाके से पहले कथित हमलावर डॉ. उमर नबी दिल्ली की एक अन्य मस्जिद में रुका था। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
दिल्ली के लाल किले के समीप हुए कार धमाके की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। एक सूत्र ने बताया कि धमाके से पहले मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर नबी रामलीला मैदान के पास आसफ अली रोड स्थित एक मस्जिद में रुका था। डॉ. उमर मस्जिद से निकलने के बाद सीधे सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में गया। उसने दोपहर करीब 3:19 बजे अपनी कार पार्किंग में खड़ी की। जांच एजेंसियां हमले में किसी और के शामिल होने का पता लगा रही हैं।

मस्जिद में 3 घंटे रहा, नमाज भी पढ़ी
पीटीआई के मुताबिक, सूत्र ने बताया कि लाल किले के पास धमाके से पहले कथित हमलावर डॉ. उमर नबी रामलीला मैदान के पास आसफ अली रोड स्थित एक मस्जिद में रुका था। इतना ही नहीं डॉ. उमर नबी आसफ अली रोड पर रामलीला मैदान के पास मस्जिद में लगभग तीन घंटे तक रहा और नमाज अदा की।
मॉड्यूल पर देख रहा था अपडेट
इस मस्जिद से निकलने के बाद वह सीधी सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में पहुंचा। बताया जाता है कि उसने दोपहर करीब 3:19 बजे अपनी कार सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में खड़ी की। धमाके से पहले वह सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में लगभग 3 घंटे तक ठहरा था। शक है कि वह फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में गिरफ्तार लोगों के बारे में लगातार अपडेट देख रहा था।
पार्किंग स्थल पर 3 घंटे तक क्या किया?
अधिकारी ने बताया कि माना जा रहा है कि डॉ. उमर नबी ही धमाके वाली कार चला रहा था। हम संदिग्ध आत्मघाती हमले की संभावना के साथ ही सभी कोणों से घटना की जांच कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि डॉ. उमर ने पार्किंग स्थल पर 3 घंटे तक रुकने के दौरान क्या किया।
फोन और सिग्नल और कॉल हिस्ट्री की जांच
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अब जांच एजेंसियां उमर के मोबाइल फोन और सिग्नल और कॉल हिस्ट्री की जांच कर रही हैं। हम यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या वह सिग्नल फोन का इस्तेमाल करके अपने आका के संपर्क में था। फोरेंसिक विशेषज्ञ संभावित सिग्नल उपकरण के टुकड़ों के नमूनों का विश्लेषण कर रहे हैं जिसका उपयोग आका के संपर्क में रहने के लिए किया गया हो सकता है।
40 से अधिक नमूने जमा किए
अधिकारी ने यह भी बताया कि दिल्ली फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने विस्फोट स्थल से 40 से अधिक नमूने जमा किए हैं। इसमें वाहन के मलबे, धातु के टुकड़े और शरीर के अंग शामिल हैं। नमूनों की जांच करने और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की प्रकृति की पहचान करने के लिए विशेषज्ञों की एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है।
धमाके में लाल कार के भी शामिल होने का शक
सूत्रों ने यह भी बताया कि विस्फोट से पहले उमर की गतिविधियों का पता लगाने के लिए मस्जिद क्षेत्र और आस-पास की सड़कों की CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही हैं। बरामद हुई लाल रंग की ‘फोर्ड इकोस्पोर्ट’ कार के बारे में संदेह है कि यह विस्फोट से जुड़ी हो सकती है। जांच में पता चला है कि विस्फोट में इस्तेमाल हुंडई i20 से जुड़े अन्य संदिग्धों के पास लाल रंग की यह कार भी थी।





