दिल्ली बिल्डिंग हादसा: घर आया इसलिए बच गया, नहीं मिल रहे मेरे दोस्त; छात्र का छलका दर्द
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद छात्र अपने लापता दोस्तों को खोज रहे हैं। मेरठ के छात्र नवनीत गोदारा ने सुरक्षित होने पर ईश्वर का शुक्रिया अदा किया, लेकिन अपने लापता रूममेट की तलाश में रोते दिखे।

अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर मिलते ही बाकी छात्र अपने दोस्तों को खोज रहे हैं। जिनके दोस्तों से बातचीत हो गई उनके मन में संतोष है लेकिन जिन दोस्तों के फोन नहीं लग रहे हैं वह छात्र किसी अनहोनी को लेकर आशंकित हैं। उनहोंने कई दोस्तों को परिचितों को कॉल कर अपने दोस्तों के बारे में जानने की कोशिश की लेकिन उनका पता नहीं चल पाया।
दोस्तों को तलाश रहे नवनीत
मेरठ के रहने वाले नवनीत गोदारा एसआरएसडी कॉलेज के बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वह सोशल मीडिया पर अपील कर अपने दोस्तों को खोज रहे हैं। नवनीत ने अपना नंबर सोशल मीडिया के तमाम ग्रुप पर साझा करके अपने दोस्तों के बारे में लोगों से जानकारी मिलने पर कॉल करने की अपील की है। जैसे ही पीजी गिरने की घटना की खबर उनको हुई वह बेचैन हो गए।
घर आ जाने के कारण मैं बच गया
बातचीत में नवनीत फफक कर रो पड़े। उन्होंने बताया कि मैं भगवान शुक्रगुजार हूं कि मैं बच गया। कृष्णजन्माष्टमी में घर आ जाने के कारण मैं इस हादसे का शिकार नहीं हुआ। लेकिन मैं बहुत गहरे दुख में हूं मेरे रूममेट अर्पित के बारे में कुछ पता नहीं चल रहा है।
एमपी के कटनी का रहने वाला है मित्र
नवनीत गोदारा ने आगे कहा कि वे मेरे साथ पढ़ते थे। हम दोनों एक ही कमरे में रहते थे। अर्पित मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले हैं जबकि मेरे दूसरे दोस्त अक्षित पीजीडीएवी कॉलेज बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करते हैं। उनका फोन भी इमारत गिरने के बाद से नहीं लग रहा है। वह मध्य प्रदेश के कटनी के रहने वाले हैं।
मां की हिदायत के चलते बची हबीब की जान
हादसे वाली ही इमारत में रहने वाला हबीब अपनी मां की हिदायत के चलते बाल बाल बच गया। उसका 4 सितंबर को जन्मदिन था और इसके चलते वह पीजी से अपने चाचा के घर चला गया था। पांच सितंबर को भी जब उसने पीजी लौटने की बात कही तो मां ने उसको अगले दिन जाने की हिदायत देते हुए रविवार शाम तक पीजी जाने के लिए कह दिया। मां की बात मान कर वह पीजी नहीं गया। उसने कहा कि मां की एक हिदायत ने उसको मौत के मुंह में जाने से बचा लिया।
अब तक 5 की मौत
उल्लेखनीय है कि डीयू के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में लड़कों के पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही 50 साल पुरानी 5 मंजिला इमारत रविवार को भरभराकर गिर गई। हादसे में 5 छात्रों की मौत हो गई जबकि कई के मलबे में फंसे होने की आशंका है।


