पूरी दिल्ली में हो PG की जांच, बिल्डिंग हादसे के दोषियों पर ऐक्शन की मांग; छात्रों ने खोला मोर्चा

भाषा, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 50 साल पुरानी इमारत गिरने के बाद छात्र और शिक्षक संगठनों ने घटना की जांच के साथ ही जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

दिल्ली में डीयू के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन इलाके की एक संकरी गली में पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही 50 साल पुरानी 5 मंजिला इमारत रविवार को दोपहर बाद भरभरा कर गिर गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि कई के फंसे होने की आशंका है। 5 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद छात्र और शिक्षक संगठनों ने रविवार को घटना की पूरी जांच और पूरी दिल्ली में छात्रों के रहने की जगहों की व्यापक छानबीन की मांग की है। एबीवीपी ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर ऐक्शन की मांग की और धरना प्रदर्शन किया।

इन छात्रा संगठनों ने उठाई मांग

नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), एनएसयूआई और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने तेजी से बचाव अभियान चलाने, सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

स्टूडेंट पीजी में छात्रों की सुरक्षा पर सवाल

शिक्षक संगठन एनडीटीएफ ने कहा कि इस घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के परिसरों और कॉलेजों के आसपास निजी तौर पर संचालित छात्रावासों और पीजी आवासों में भवन और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

प्राइवेट पीजी आवासों की हो व्यापक जांच

एनडीटीएफ ने छात्रावास वाले कई इलाकों की संकरी गलियों का भी मुद्दा उठाया और कहा कि आपात स्थिति में ये गलियां बचाव कार्यों में बाधा डाल सकती हैं। एनडीटीएफ ने समय-सीमा तय करके इस घटना की जांच कराने और दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके कॉलेजों के आसपास चल रहे प्राइवेट पीजी आवासों की व्यापक जांच कराने की मांग की। एनडीटीएफ ने कहा कि पूरी दिल्ली में सघन छानबीन होनी चाहिए।

हादसे की हो उच्च स्तरीय जांच, ABVP का धरना

वहीं एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि इस घटना से प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इमारत ढहने की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। शाम को बड़ी संख्या में एबीवीपी के कार्यकर्ता एमसीडी के मुख्यालय पर धरना देने पहुंचे। एबीवीपी के कार्यकर्ता गेट तोड़कर एमसीडी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने एमसीडी कमिश्नर का इस्तीफा मांगा और पीजी भवनों के सुरक्षा ऑडिट की मांग की। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने को लेकर भी आवाज बुलंद की।

लापरवाही का आरोप, NSUI ने भी खोला मोर्चा

वहीं, कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन एनएसयूआई ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लापरवाही का आरोप लगाया और दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन तथा सरकार से युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाने की मांग की। एनएसयूआई ने जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की। देर शाम को NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, NSUI सदस्यों के साथ साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन के नीचे धरने पर बैठ गए।

हादसे ने बयां की दिल्ली में असुरक्षित आवासों की हालत

एसएफआई की दिल्ली राज्य समिति ने कहा कि डीयू के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन इलाके में हुई यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में स्टूडेंट पीजी की असल तस्वीर बयां करती है। यह घटना छात्रों की रिहाइश वाले क्षेत्रों में अवैध निर्माण और असुरक्षित आवास की बड़ी समस्या को दर्शाती है।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News , Delhi Protest Live और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करे और पाएं पल-पल की ताज़ा खबर
Hindi Newsएनसीआर Newsदिल्ली भर में हो PG की जांच, इमारत हादसे के दोषियों पर लें ऐक्शन; सड़क पर छात्र