
बाजारों में रौनक, सुरक्षा कई गुना सख्त... लाल किला धमाके के एक महीने बाद कैसा हाल
दिल्ली बम धमाके के एक महीने बाद चांदनी चौक बाज़ार में रौनक लौट आई है, जहां पुलिस ने 60 से अधिक संवेदनशील जगहों का सुरक्षा ऑडिट कर 130 से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और लाल किला पुलिस चौकी की ताकत दोगुनी कर दी गई है।
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को भयानक धमाका हुआ था। सफेद ह्यूंदै i20 कार में आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन-नबी ने धमाका किया था। धमाके से पहले ये कार काफी देर तक सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में खड़ी रही थी। इस धमाके में 12 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए। इस घटना को एक महीना पूरा हो गया। अब चांदनी चौक बाजार में ग्राहक लौट आए हैं, दुकानें फिर चल पड़ी हैं और रिक्शे-ऑटो की आवाजें एक बार फिर गूंज रही हैं।
सुनहरी मस्जिद पार्किंग अब आम लोगों के लिए बंद
जहां हमलावर ने अपनी कार तीन घंटे तक खड़ी रखी थी, वहां अब 130 से ज्यादा नए CCTV कैमरे लग चुके हैं। पार्किंग आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद कर दी गई है। हर गाड़ी की सघन तलाशी के बाद ही एंट्री मिलती है। सामने ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले 26 साल के हर्षित गोस्वामी कहते हैं, 'सुरक्षा इतनी बढ़ गई है कि अब हर गाड़ी को अच्छे से चेक किया जाता है।'
60 संवेदनशील जगहों का ऑडिट पूरा, पुलिस चौकी की ताकत दोगुनी
पुलिस ने चांदनी चौक और लाल किला के आसपास के 60 से ज्यादा स्थानों का सुरक्षा ऑडिट कर लिया है। धमाके में क्षतिग्रस्त हुई लाल किला पुलिस चौकी को ठीक कर वहां जवानों की संख्या दोगुनी कर दी गई है। डीसीपी (नॉर्थ) राजा बंठिया ने बताया, 'MCD के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाओ अभियान और किराएदार-सर्वेंट वेरिफिकेशन ड्राइव चलाया गया है। ज्यादा कैमरे और जवान तैनात किए गए हैं।'
दो बड़े आयोजन बिना किसी घटना के सफल
डीसीपी बंठिया ने आगे कहा, 'एक महीने के अंदर हमने गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ और यूनेस्को का चल रहा अंतर-सरकारी सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित कर लिया। लाखों की भीड़ थी, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।'
दुकानदार और ठेला वाले बोले– काम फिर पहले जैसा
लाजपत राय मार्केट में सामान लोड करने वाले 69 साल के माहिम अंसारी कहते हैं, 'अब तो वैसा ही काम चल रहा है जैसे कुछ हुआ ही न हो। बस लाउडस्पीकर पर कभी-कभी ऐलान सुनाई देता है कि संदिग्ध सामान दिखे तो पुलिस को बताएं। तभी वो दिन याद आता है।'
ऑटो ड्राइवर अब शाम से पहले लौट जाते हैं
26 साल के ऑटो चालक सतबीर सिंह ने बताया, 'पहले हर दूसरा-तीसरा दिन आता था। अब सिर्फ जरूरी कस्टमर हो तभी आता हूं और शाम ढलने से पहले घर चला जाता हूं।'





