
इंडिया गेट, कर्तव्यपथ; दिल्ली को दहलाने से पहले कहां-कहां घूम रहा था उमर? आ गई डिटेल
ब्लास्ट की जांच कर रही एनआईए ने इस केस में अहम कार्रवाई करते हुए आमिर राशिद अली को गिरफ्तार किया है। आतंकी उमर जिस कार में घूमा और बाद में वह धमाके का शिकार हुई,वह इसी आमिर की थी। 1300 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज को स्कैन करने के बाद पता जांच कर रही टीम ने उमर उन नबी इलेक्ट्रॉनिक रूट तैयार किया है।
दिल्ली बम धमाके के बाद से जांच का दौर जारी है। ब्लास्ट की जांच कर रही एनआईए ने इस केस में अहम कार्रवाई करते हुए आमिर राशिद अली को गिरफ्तार किया है। आतंकी उमर जिस कार में घूमा और बाद में वह धमाके का शिकार हुई,वह इसी आमिर की थी। अब 1300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को स्कैन करने के बाद जांच कर रही टीम ने उमर उन नबी इलेक्ट्रॉनिक रूट तैयार किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस रूट ने 29 अक्टूबर से उसकी गतिविधियों की पूरी मैपिंग की है। इसकी शुरुआत फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी से हुई, फिर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, इसके बाद नूंह और फिर वापस और अंत में 10 नवंबर की सुबह दिल्ली में प्रवेश किया यानी कार में विस्फोट होने से कुछ घंटे पहले।
सीसीटीवी कैमरों ने इस कार को लगभग तीन दर्जन अन्य स्थानों के अलावा कर्तव्य पथ और इंडिया गेट जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों के पास कैद किया। कार चला रहे उमर को किसी भी चेकपॉइंट पर रोका नहीं गया था। पहले फुटेज से पता चलता है कि i20 कार 29 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश कर रही थी उमर वहां चिकित्सा (medicine) का प्रोफेसर था, फिर यह कार शाम 6:36 बजे एक सामान्य पार्किंग स्थल पर रुकी और उसके बाद रात 8:18 बजे एक हॉस्टल के बाहर रुकी।
30 अक्टूबर को सुबह 7:31 बजे, कार वापस पार्किंग में थी। दोपहर 2:38 बजे तक उमर ने एक मैकेनिक और एक कंपाउंडर को बुलाया। इसके तीन मिनट बाद कार यूनिवर्सिटी परिसर से निकल गई। खुफिया एजेंसियों ने मैकेनिक से पूछताछ की है। जांच से परिचित लोगों के अनुसार, उमर इसके बाद नूंह चला गया और अगले एक हफ्ते तक एक किराए के आवास पर रुका रहा। वहां उसने तुर्की और अफगानिस्तान में मौजूद अपने हैंडलर्स द्वारा भेजे गए 'DIY' (खुद से करें) वीडियो का उपयोग करके IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को इकट्ठा किया।
i20 कार 9 नवंबर को फिर से दिखाई दी। रात 11:43 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खलीलपुर टोल प्लाजा के पास कैमरों ने इसे कैद किया। विस्फोट के दिन 10 नवंबर की सुबह, इसे पहले कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के पास देखा गया और फिर दिल्ली के कई स्थानों जैसे बदरपुर, मयूर विहार और डीएनडी पर देखा गया।
सुबह 9:17 बजे से 9:48 बजे के बीच कार को मध्य दिल्ली के कई क्षेत्रों से गुजारा गया, जिनमें निज़ामुद्दीन, इंडिया गेट, अकबर रोड, रेल भवन, कर्तव्य पथ, लोधी रोड और सफदरजंग अस्पताल शामिल हैं। इसी दौरान,उमर वजीरपुर में एक चाय की दुकान पर रुका। कार ने बाद में दोपहर 2:04 बजे कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल को पार किया।
यह 2:10 बजे बाराखंभा रोड पर थी, 2:17 बजे रामलीला मैदान के पास और 2:34 बजे तुर्कमान गेट मस्जिद के पास देखी गई। यह दोपहर 3:15 बजे दिल्ली गेट पहुंची और 3:16 बजे दरीबा गंज पुलिस स्टेशन को पार किया। इसके बाद, 3:29 बजे उमर ने इसे रेड फोर्ट के पास एक पार्किंग स्थल पर पार्क कर दिया। शाम 6:23 बजे, कार पार्किंग से बाहर निकली। शाम 6:50 बजे, यह उस स्थान पर पहुंची जहां विस्फोट किया जाना था।





