
सउदी में क्या रह रही थी शाहीन? मिशन के लिए महिलाओं को आतंकी बनाने वाला प्लान
शाहीन शाहिद ने खुलासा किया है कि उसने आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने के लिए महिलाओं की भर्ती करने की योजना बनाई थी। यह जानकारी फरीदाबाद पुलिस सूत्रों ने दी है। सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि शाहिद चार साल तक सऊदी अरब में भी रही थी।
दिल्ली में 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट के बाद जांच तेजी ले आगे बढ़ रही है। व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के बाद से कई राज सामने आए हैं। इस बीच जांच कर रही एजेंसियों को डॉ. शहीन के बारे में कई बातें पता चली हैं। शाहीन शाहिद ने खुलासा किया है कि उसने आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने के लिए महिलाओं की भर्ती करने की योजना बनाई थी। यह जानकारी फरीदाबाद पुलिस सूत्रों ने दी है।
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जांच के सिलसिले में अल-फलाह विश्वविद्यालय की पूर्व फार्माकोलॉजिस्ट शाहिद को गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में लाई थी, और पूछताछ के दौरान उसने यह खुलासा किया कि उसने मिशन के लिए महिलाओं की भर्ती करने की योजना बनाई थी। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि NIA के अधिकारियों ने शाहिद के विश्वविद्यालय के हॉस्टल रूम से ₹18.5 लाख नकद, कुछ सोने के बिस्किट और विदेशी मुद्रा बरामद की है।
इससे पहले हफ्ते में एजेंसी डॉ. मुजम्मिल को पहचान के लिए लाई थी, और जल्द ही NIA डॉ. आदिल अहमद को भी घटनास्थल की पहचान के लिए विश्वविद्यालय ला सकती है। मुजम्मिल और आदिल अहमद इस जांच के तहत गिरफ्तार किए गए दो अन्य संदिग्ध हैं।
सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि शाहिद चार साल तक सऊदी अरब में भी रही थी। उसने 2014 से 2018 तक सऊदी अरब के एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में काम किया था। विश्वविद्यालय परिसर में शाहिद से मौके पर पूछताछ के दौरान, NIA टीम उसे मेडिकल वार्ड, क्लासरूम और उसके केबिन में ले गई ताकि उसकी गतिविधियों और वहां के संपर्कों का विवरण जुटाया जा सके।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को कहा कि एजेंसी ने उन लोगों की सूची तैयार की है जिनसे उसने बातचीत की थी। NIA टीम उसे एक केमिकल की दुकान पर भी ले गई, जहां से, सूत्रों के अनुसार, डॉ. मुजम्मिल ने कथित तौर पर विस्फोटक बनाने का सामान खरीदा था। लगभग चार घंटे की जांच, पूछताछ और कई स्थानों की पहचान के बाद, उसे रात लगभग 9:00 बजे वापस दिल्ली ले जाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चल रही जांच से पता चला है कि शाहिद अल-फलाह विश्वविद्यालय में रहते हुए आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय थी और यहां लोगों को जोड़कर एक नेटवर्क तैयार कर रही थी।





