
मुजम्मिल को अल-फलाह लेकर पहुंची NIA, फ्लैट खंगाला; सोहना ले जाकर करवाई निशानदेही
एनआईए ने दिल्ली धमाके में गिरफ्तार आरोपी डॉ. मुजम्मिल अहमद को पुख्ता सुरक्षा के बीच अल-फलाह यूनिवर्सिटी, धौज गांव, और सोहना अनाज मंडी ले जाकर निशानदेही करवाई, जहाँ से उसने विस्फोटक सामग्री खरीदी और विदेशी हैंडलर के संपर्क में आकर आतंकी साजिश रची थी।
एनआईए(नेशनल इंवेस्टीगेशन टीम) की टीम सोमवार रात दिल्ली धमाके के मामले में गिरफ्तार किए गए डॉ. मुजम्मिल अहमद को निशानदेही करवाने के लिए पहुंची। यहां उसे धौज गांव स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी, विस्फोटक सामग्री रखने के स्थानों के अलावा सोहना भी लेकर जाया गया।
इस दौरान पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। एनआईए की टीम सबसे पहले उसे अल-फलाह यूनवर्सिटी लेकर पहुंची। यूनिवर्सिटी के अंदर एनआईए ने उसके फ्लैट, इमरजेंसी वार्ड, डॉक्टर उमर और शाहीन सईद के फ्लैट पर लेकर पहुंची। इस दौरान जांच टीम ने उसकी अलमारी और अन्य सामान को भी खंगाला। यहां उसके साथ घुलने-मिलने वाले छात्र और डॉक्टर के बारे में भी जानकारी जुटाई गई और कुछ लोगों से आमना-सामना भी करवाया गया। यहां से एनआईए उसे धौज गांव में विस्फोटक सामग्री रखने वाले कमरे पर लेकर पहुंची। वहीं,अल-फलहा की मस्जिद के अलावा आरोपी को फतेहपुर तगा में मौलवी इश्तियाक के फतेहपुर तगा वाले घर भी लेकर गई।
यहां पर आरोपी ने विस्फोटक सामग्री को छुपाने के लिए कमरा किराए पर लिया था। यहां पर टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक यूनिवर्सिटी परिसर में एनआईए टीम जांच-पड़ताल में जुटी रही। आरोपी से यह भी जानकारी जुटाई गई कि वह किस-किस रास्ते से अमोनियम नाइट्रेट को अपने किराए के कमरों में लाता था। एनआईए टीम ने उन रास्तों को भी चिन्हित भी किया। स्थानीय पुलिस भी एनआईए टीम के साथ थी। आरोपी डॉ. की सुरक्षा के लिए यहां पर अपराध जांच शाखा की काफी टीमें थीं। यहां करीब 25 गाड़ियों के साथ एनआईए की टीम यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर दाखिल हुई थी।
यूनिवर्सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था थी। यूनिवर्सिटी प्रशासन पर जांच एजेंसियों की नजर तेज होने के साथ ही अब उसकी आधिकारिक वेबसाइट से शोध और लैब से जुड़ी जानकारियां हटाई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार दो दिनों में वेबसाइट से कई शोध पत्र, रिसर्च लैब विवरण, प्रोजेक्ट रिकॉर्ड और विभागवार उपलब्धियों को हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में नैक (एनएएसी) टीम ने निरीक्षण के दौरान वेबसाइट पर उपलब्ध कुछ शोध और लैब से संबंधित दावों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने वेबसाइट को दुरुस्त करने के नाम पर सामग्री हटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
विदेशी हैंडलर के संपर्क में था
धौज गांव में डॉक्टर मुजम्मिल आतंकी साजिश को रचने में जुटा हुआ था। उसका विदेशी हैंडलर से भी संपर्क था। विदेशी हैंडलर द्वारा उसे अमोनियम नाइट्रेट से विस्फोटक सामग्री बनाने की भी जानकारी दी गई थी। आरोपी को जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने 30 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था। उसके बाद पुलिस ने आठ और नौ नवंबर को उसके धौज और फतेहपुर तगा के ठिकानों से हथियार और 2900 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था। एजेंसी मामले में उससे पूछताछ में जुटी है।
बुरहान वानी की हत्या का बदला लेने के लिए रची थी साजिश
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली धमाके की जांच कर रही एजेंसियों से पूछताछ में सामने आया है कि डॉ. उमर कश्मीर में आतंक का चेहरा रहे बुरहान वानी की हत्या का बदला लेना चाहता था। वह अपने साथी आतंकियों से कहता था कि वह उनका बॉस है। फरीदाबाद की अल-फलहा यूनिवर्सिटी का यह आतंकी मॉडयूल अलकायदा, आईएसआईएस और जैश-ए-मोहम्मद की विचाराधारा से प्रभावित था। दिल्ली में धमाका कर खुद को उड़ाने वाला डॉ. उमर को अमीर का तमगा मुजम्मिल ने दिया था।
सोहना की अनाज मंडी में भी निशानदेही की गई
एनआईए की टीम फरीदाबाद में जांच-पड़ताल करने के बाद आरोपी डॉ. मुजम्मिल को लेकर सोहना के लिए रवाना हो गई। सोहना की अनाज मंडी में आरोपी डॉक्टर को दो खाद-बीज भंडारों की निशानदेही करवाई गई। आरोपी ने बताया कि वह कार के जरिए अमोनियम नाइट्रेट खरीदकर ले गया था। सोहना अनाज मंडी में जांच टीम केआने का पता चलने पर काफी संख्या में लोग भी जाम हो गए। हालांकि, यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे।





