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अल फलाह यूनिवर्सिटी पर एक और ऐक्शन; जमीन की पैमाइश शुरू, गड़बड़ी का शक

अल फलाह यूनिवर्सिटी पर एक और ऐक्शन; जमीन की पैमाइश शुरू, गड़बड़ी का शक

संक्षेप: दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी पर सरकार और एजेंसियों ने ​शिकंजा कस दिया है। आतंकी गतिविधियों का केंद्र बनी अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीन की पैमाइश शुरू कर दी गई है। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

Sat, 15 Nov 2025 03:40 PMKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
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दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद फरीदाबाद के धौज गांव में ​स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर सरकार और एजें​सियों ने ​शिकंजा कस दिया है। आतंकी गतिविधियों का केंद्र बनी अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीन की जिला नगर योजनाकार इन्फोर्समेंट की टीम ने पैमाइश शुरू कर दी। करीब एक घंटे तक टीम ने पैमाइश के साथ प्रबंधन से रिकॉर्ड भी तलब किया।

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हरियाणा सरकार ने दिया आदेश

बताया जा रहा है कि पैमाइश करने का आदेश हरियाणा सरकार ने जारी किया है। टीम की ओर से यूनिवर्सिटी प्रबंधन से भी सारा रिकॉर्ड मांगा गया है। अब टीम पूरी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेजेगी। इस पैमाइश का मकसद ये पता लगाना है कि 70 एकड़ के विशाल इलाके में फैली इस यूनिवर्सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण में कोई धांधली तो नहीं हुई?

इंजीनियरिंग कालेज के तौर पर शुरुआत

अल फलाह यूनिवर्सिटी की शुरुआत 1997 में एक इंजीनियरिंग कालेज के रूप में हुई थी। 2013 में अल-फलाह इंजीनियरिंग कालेज को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) से 'ए' कैटेगरी की मान्यता प्राप्त हुई। अल-फलाह मेडिकल कालेज भी इसी यूनिवर्सिटी से संबद्ध है।

2014 में कांग्रेस राज में मान्यता

हरियाणा सरकार ने 2 मई 2014 को हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल (2006) में संशोधन कर इसे प्राइवेट यूनिवर्सिटी के रूप में मान्यता प्रदान दी थी। उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे। हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी संशोधित बिल (2014) के माध्यम से तब राज्य में 17 निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई थी।

मान्यता मामले में हो सकती है बैठक

यूनिवर्सिटी परिसर से मिली लिस्ट में जम्मू कश्मीर के लोगों की संख्या काफी अधिक है। इनमें डॉक्टर, प्रोफेसर, छात्र व अन्य पदों पर काम करने वाले लोग शामिल हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ भी ये लिस्ट जांच एजेंसी ने साझा की है।

हिरासत में कई डॉक्टर्स

जांच एजेंसी मौजूदा डॉक्टरों व स्टॉफ के अलावा पुराने लोगों को भी चेक कर रही है। यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर्स को जांच एजेंसी ने दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में हिरासत में लिया है।

यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई की बात

नेशनल मेडिकल कमीशन ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने कहा है कि किसी भी तरह के एक्शन लेने से पहले वह केवल वास्तविक सबूतों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो अल फलाह यूनिवर्सिटी की मान्यता से जुड़े मामले में जल्द ही हरियाणा सरकार भी एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाली है।

रिपोर्ट- मोनी देवी

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh
पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों से केबी उपनाम से पहचान रखने वाले कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह लोकमत, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। मूलरूप से यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुके हैं। लॉ और साइंस से ग्रेजुएट केबी ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमफिल किया है। वह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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