
मौलाना कर रहा था युवाओं का ब्रेनवॉश, खुद ले चुका है ब्रिटिश नागरिकता; बड़ा खुलासा
फरीदाबाद आंतकी मॉड्यूल और दिल्ली धमाका की जांच के बाद, खुफिया एजेंसियों ने आजमगढ़ के एक मदरसा शिक्षक मौलाना शमशुल हुडा खान का पाकिस्तान-समर्थित कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ाव पाया है, जिसके बाद देश भर में कट्टरपंथ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की संभावना है।
फरीदाबाद आंतकी मॉड्यूल और दिल्ली धमाका के बाद देश भर में पल रहे कट्टरपंथी नेटवर्क को कुचलने में जुटी खुफिया एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। इस कड़ी में आजमगढ़ के एक सरकारी मान्यता प्राप्त मदरसा शिक्षक मौलाना शमशुल हुडा खान का नाम सामने आया है। जांच में पाया गया कि मौलाना ब्रिटिश नागरिकता ले चुका है और पाकिस्तान-समर्थित समूह से जुड़कर भारतीय युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का काम कर रहा था।
कई मदरसे और मौलानाओं की गतिविधियां खुफिया एजेंसियों के रडार पर है। फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के पर्दाफाश के बाद खुफिया एजेंसिया कट्टरपंथ को लेकर सतर्क हो गई है। आने वाले वाले दिनों में देश भर में कट्टरपंथ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) ने कट्टरपंथ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानते हुए सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई है।
शाहीन को लेकर एनआईए की टीम नेहरू ग्राउंड पहुंची
एनआईए की टीम गुरुवार शाम फरीदाबाद के नेहरू ग्राउंड स्थित लोहा मंडी पहुंची। टीम ने उस केमिकल दुकान की जांच की, जहां से विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल सामग्री खरीदे जाने का संदेह है। टीम के साथ डॉ. शाहीन सईद भी मौजूद थीं। इस बीच एनआईए ने अमोनियम नाइट्रेट सप्लाई करने वाली कंपनियों से भी रिकॉर्ड तलब किया है, ताकि आरोपी मुजम्मिल के दावों की सच्चाई मिलाई जा सके।





