
दिल्ली धमाका: कार में मुख्य संदिग्ध के साथ 29 अक्टूबर को देखे गए 2 लोग पहचाने गए
कार का सीसीटीवी वीडियो सामने आया था, जिसमें गाड़ी को फरीदाबाद सेक्टर 27 स्थित एक पेट्रोल पंप पर PUC सर्टिफिकेट के लिए रुकते हुए देखा गया था। इन लोगों की पहचान हो गई है।
दिल्ली कार धमाका मामले में 2 नए लोगों की पहचान हुई है। ये लोग 29 अक्टूबर को विस्फोट के मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर नबी के साथ हुंडई i20 कार में थे। कार का सीसीटीवी वीडियो सामने आया था, जिसमें गाड़ी को फरीदाबाद सेक्टर 27 स्थित एक पेट्रोल पंप पर PUC सर्टिफिकेट के लिए रुकते हुए देखा गया था। मामले की जानकारी रख रहे एक सीनियर पुलिस अफसर ने बताया, “कार सवारों की पहचान कश्मीर निवासी प्लंबर आमिर राशिद मीर और उसे कार बेचने वाले देवेंद्र के रूप में हुई है।”

आमिर को मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया है। उसके साथ उसका भाई उमर राशिद मीर भी हिरासत में लिया गया है, जो एक बिजली विकास कर्मचारी है। देवेंद्र को सोमवार को लाल किले के सामने हुए विस्फोट के दो घंटे बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसमें कम से कम 10 लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे। जाँच कर रही टीम से पता चला है- “ये दोनों लोग 29 अक्टूबर को डॉ. उमर के साथ थे और उन्होंने i20 कार उन्हें सौंपी थी। आमिर को पुलिस ने कार के साथ मॉड्यूल की मदद करने के आरोप में हिरासत में लिया था।”
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी की सहायता कर रहे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि सफेद हुंडई i20 कार को सबसे पहले रविवार आधी रात के आसपास हरियाणा के मेवात क्षेत्र में एक टोल प्लाजा पर देखा गया था। यह सुनहरी मस्जिद के पास एक पार्किंग में तीन घंटे से ज्यादा समय तक खड़ी रही, उसके बाद उसमें बैठा एक व्यक्ति उसे लगभग 30 मिनट तक चलाकर विस्फोट स्थल तक ले गया।
सोमवार शाम लाल बत्ती पर कार की गति धीमी होने के बाद लाल किले के मुख्य मार्ग पर शाम लगभग 6.50 बजे विस्फोट हुआ। कम से कम 10 लोग मारे गए और 21 घायल हुए।पुलिस चार प्रमुख सवालों की जाँच कर रही है। पहला, उस जगह ही क्यों विस्फोट हुआ, क्या विस्फोट पहले से तय था या आकस्मिक, क्या डेटोनेटर कार के बोनट में छिपा था, और गाड़ी के अंदर वास्तव में कौन था?



