जब सूद और मैंने झूठ की पोल खोल दी तो...; वीरेंद्र सचदेवा ने AAP नेताओं को घेरा, कहा- माफी मांगें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। कहा कि जब मैंने आप के झूठ की पोल खोल दी तो अब आप के नेता व्यक्तिगत टीका टिप्पणी करने पर उतर आए हैं। आप नेताओं के बार बार बदलते रंग को देखकर दिल्ली की जनता हैरान है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। कहा कि जब मैंने आप के झूठ की पोल खोल दी तो अब आप के नेता व्यक्तिगत टीका टिप्पणी करने पर उतर आए हैं। आप नेताओं के बार बार बदलते रंग को देखकर दिल्ली की जनता हैरान है।
वीरेंद्र सचदेवा ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज सहित पार्टी के तमाम नेताओं ने दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद पर हमला करते हुए कहा कि उनके विभाग ने अधिसूचना जारी कर शिक्षकों को कुत्ते गिनने की ड्यूटी पर लगाया है। लेकिन, जब सूद और मैंने शिक्षा विभाग के सर्कुलर को मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करके आप के झूठ की पोल खोल दी तो अब आप के नेता सूद पर व्यक्तिगत टीका टिप्पणी करने पर उतर आए हैं।
उन्होंने कहा कि आप के नेताओं द्वारा सूद पर की जा रही व्यक्तिगत टीका टिप्पणी की दिल्ली की जनता और दिल्ली भाजपा निंदा करती है। चुनौती देती है कि आप ऐसी अधिसूचना दिखाए, जिसमें शिक्षकों की कुत्ते गिनने की ड्यूटी लगाई गई हो या फिर सूद से माफी मांगें।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केजरीवाल ने एक नई पार्टी बनाकर बड़े-बड़े आदर्शों की बात की। निश्चय ही नई पार्टी आप ने शुरू में कुछ नए लोगों को टिकट दिया। लेकिन, सत्ता के 10 साल में उन्होंने ना सिर्फ हर दल के नेता को जोड़कर टिकट दिया, बल्कि भ्रष्टाचार में कांग्रेस, समाजवादी एवं राजद जैसी पार्टियों को भी पछाड़ दिया।
वहीं, दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि सूद खुद एक साधारण शिक्षक परिवार से आते हैं। उन्होंने सामान्य शिक्षा ग्रहण की है, मध्यम वर्गीय कॉलोनी जनकपुरी में रह कर वहां के नागरिकों के साथ ही लगभग 25 अधिकृत कॉलोनियों के लोगों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। सूद से मेरा 20 साल का संबंध है। वह कभी सहयोगियों को छोटे बड़े में नहीं बांटते। सूद ने आप नेताओं की छोटी मानसिकता का जिक्र किया जिसके हारे हताश नेता अब विक्टिम कार्ड खेलने लगे हैं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


