
गैस चेम्बर बनी दिल्ली की फिजा में घुला ‘जहर’, सांसों पर संकट बढ़ा; AQI 500 के करीब पहुंचा
ठंड बढ़ते ही राजधानी दिल्ली अब गैस चेम्बर बनती जा रही है। दिल्ली की हवा और फिजा में ‘जहर’ घुलने से कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के करीब पहुंच गया है। गंभीर होते हालात को देखते हुए सीएक्यूएम ने ग्रैप-4 के कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
ठंड बढ़ते ही राजधानी दिल्ली अब गैस चेम्बर बनती जा रही है। दिल्ली की हवा और फिजा में ‘जहर’ घुलने से कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के करीब पहुंच गया है। गंभीर होते हालात को देखते हुए कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) द्वारा ग्रैप-4 के कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।
दिल्ली में रविवार सुबह भी कई इलाकों में कोहरे और जहरीली धुंध की एक मोटी परत छाई हुई दिखी। इससे विजिबिलिटी घटने के साथ ही लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही है।
प्रदूषण से कहां कैसा हाल
सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, रविवार सुबह दिल्ली में कई निगरानी स्टेशनों में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में देखी गई। आनंद विहार और गाजीपुर इलाके के आसपास सबसे अधिक एक्यूआई 491 दर्ज किया गया। वहीं नेशनल हाईवे-24 के पास पटपड़गंज में एक्यूआई 488, आईटीओ इलाके में 484, कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के आसपास एक्यूआई 483, एम्स के पास 484 और दिल्ली एयरपोर्ट के पास एक्यूआई 411 के साथ 'गंभीर' कैटेगरी में दर्ज किया गया।
बता दें कि शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘अत्यंत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
दिल्ली के स्कूलों में ‘हाइब्रिड’ क्लासें लगाने के आदेश
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने शनिवार को एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर सभी स्कूलों को 9वीं और 11वीं क्लास तक के विद्यार्थियों के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ में क्लासें चलाने का निर्देश दिया है। ‘हाइब्रिड मोड’ से आशय ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रकार से कक्षाएं संचालित करने से है।
यह निर्णय सीएक्यूएम द्वारा जारी एक आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर को और बिगड़ने से रोकने के लिए ग्रैप-4 के प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।
इस संबंध में 13 दिसंबर के सर्कुलर के अनुसार, शिक्षा निदेशालय, एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली छावनी बोर्ड के अंतर्गत आने वाले सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को अगले आदेश तक जहां भी संभव हो, ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रकार की कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया है।
आधिकारिक आदेश में, सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहें, लेकिन कर्मचारियों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक ना हो।
आदेश में कहा गया है, ‘‘शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे, हालांकि प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष आवश्यक और आपातकालीन सार्वजनिक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यालय में बुला सकते हैं।’’
इसी प्रकार, आदेश में यह भी कहा गया है कि दिल्ली में संचालित सभी निजी दफ्तर 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की उपस्थिति के बिना कार्य करेंगे।
इसमें कहा गया है, ‘‘शेष कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से घर से काम करना होगा।’’ आदेश में सभी निजी संस्थाओं से आग्रह किया गया है कि जहां तक संभव हो, वे कार्य का अलग-अलग समय लागू करें।
इसके अलावा, निजी कार्यालयों को घर से काम करने के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और कार्यालय आने-जाने से संबंधित वाहनों की आवाजाही को कम करने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में कहा गया है, ‘‘अस्पताल और अन्य सार्वजनिक/निजी स्वास्थ्य संस्थान, अग्निशमन सेवाएं, जेल, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, पानी, स्वच्छता और संबंधित नगरपालिका सेवाएं, आपदा प्रबंधन और संबंधित सेवाएं, वायु प्रदूषण नियंत्रण, निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों में लगे वन और पर्यावरण विभाग/एजेंसियां (जैसे बायोमास जलाने पर रोक लगाने, धूल नियंत्रण, ग्रेप उपायों आदि के लिए तैनात टीमें) और अन्य आवश्यक/आपातकालीन सेवाएं इन निर्देशों से मुक्त रहेंगी।’’
(भाषा के इनपुट के साथ)





