दिल्ली में पारा 40°C, लेकिन महसूस हो रही 53°C वाली गर्मी! अब तक हीटवेव क्यों नहीं घोषित?
दिल्ली में मंगलवार को अधिकतम तापमान 40.5°C दर्ज हुआ, लेकिन उमस के कारण 'फील्स लाइक' यानी हीट इंडेक्स 53.5°C तक पहुंच गया। सवाल यह है कि जब इतनी भीषण गर्मी महसूस हो रही थी, तब IMD ने हीटवेव घोषित क्यों नहीं की? इसके साथ ही समझिए इससे क्या खतरा है।

उमस भरे मौसम ने दिल्ली वालों का जीना मुहाल कर रखा है। राजधानी में पारा तो 40 डिग्री के आस-पास दर्ज हो रहा है, लेकिन लोगों को एहसास 53 डिग्री वाली गर्मी का हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राजधानी के सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था। हालांकि लोगों को इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली बात यह रही कि शाम 5:30 बजे 'फील्स लाइक' (Heat Index) 53.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
यानी शरीर को ऐसा महसूस हुआ मानो तापमान 53°C हो। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठा कि जब इतनी भीषण गर्मी महसूस हो रही थी तो आखिर दिल्ली में हीटवेव घोषित क्यों नहीं की गई। इसके साथ ही जानिए इसके पीछे की क्या वजह है और क्या इससे किसी तरह की परेशानी हो सकती है।
क्या होता है 'Feels Like' या Heat Index?
'फील्स लाइक' तापमान वह होता है, जो इंसानी शरीर वास्तव में महसूस करता है। यह सिर्फ थर्मामीटर पर दर्ज तापमान नहीं होता, बल्कि इसमें हवा में मौजूद नमी (Humidity), हवा की गति और अन्य मौसमीय परिस्थितियों का भी असर शामिल होता है। जब तापमान अधिक हो और हवा में नमी भी बहुत ज्यादा हो, तब शरीर से निकलने वाला पसीना आसानी से नहीं सूखता। शरीर चिपचिपाने लगता है और दर्ज तापमान से ज्यादा गर्मी का एहसास होता है।
दरअसल होता क्या है, पसीना शरीर को ठंडा रखने का एक नेचुरल तरीका है, लेकिन उमस बढ़ने पर यही धीरे-धीरे काम करता है। नतीजतन शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। इसलिए हम लोगों को वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी लगने लगती है।
दिल्ली में इतनी उमस और गर्मी क्यों बढ़ी?
आपके भी मन में आ रहा होगा, आखिर दिल्ली में इतनी उमस और गर्मी क्यों बढ़ी है? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस स्थिति के पीछे दो तरह की हवाएं जिम्मेदार हैं। एक ओर पाकिस्तान की तरफ से आने वाली गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाएं दिल्ली का तापमान बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी नम हवाएं राजधानी में नमी बढ़ा रही हैं।
इन दोनों हवा प्रणालियों के मिलने से बादल तो बन रहे हैं, लेकिन व्यापक बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही। आमतौर पर बादल शाम चार या पांच बजे के बाद बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही वजह है कि बारिश न होने से गर्मी कम नहीं हो रही और उमस लगातार बढ़ रही है।
फिर हीटवेव घोषित क्यों नहीं हुई?
दूसरा सवाल ये भी है, आखिर इतनी ज्यादा गर्मी महसूस होने के बावजूद IMD ने दिल्ली में हीटवेव घोषित नहीं की। इसकी वजह मौसम विभाग के तय मानक हैं। IMD के अनुसार, हीटवेव घोषित करने के लिए केवल 'फील्स लाइक' तापमान देखना पर्याप्त नहीं होता।
इसके लिए एक मौसम उपखंड (Sub-Division) में कम से कम दो मौसम केंद्रों पर निर्धारित तापमान संबंधी मानकों का पूरा होना जरूरी होता है। मंगलवार को हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली उपखंड में केवल एक स्टेशन पर ही यह मानक पूरे हुए। इसलिए आधिकारिक तौर पर हीटवेव घोषित नहीं की गई।
उमस वाली गर्मी क्यों ज्यादा खतरनाक मानी जाती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि उमस भरी गर्मी कई बार सामान्य हीटवेव से भी ज्यादा परेशान करने वाली हो सकती है। अधिक नमी के कारण शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, जिससे डिहाइड्रेशन, हीट एक्सहॉशन और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक या उससे मौत का खतरा भी बढ़ जाता है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, हृदय या मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग तथा धूप में लंबे समय तक काम करने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?
- अगर किसी व्यक्ति को अत्यधिक प्यास लगने लगे।
- चक्कर आना, सिरदर्द, तेज कमजोरी, उल्टी जैसा महसूस होना शुरू हो जाए।
- मांसपेशियों में ऐंठन, अत्यधिक थकान, तेज धड़कन या भ्रम की स्थिति महसूस हो।
- यदि शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाए, व्यक्ति बेहोश होने लगे या पसीना आना बंद हो जाए।
ऐसी स्थिति में आपको अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।
डिहाइड्रेशन, हीट एक्सहॉशन और हीट स्ट्रोक से ऐसे करें बचाव
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स वाले पेय पदार्थ पीते रहें।
- ओआरएस, छाछ, नारियल पानी और नींबू पानी का सेवन करें।
- दोपहर के समय बिना जरूरत धूप में निकलने से बचें।
- हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें।
- बाहर जाते समय छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें।
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।
- कमजोरी या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आराम करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।


