
आतिशी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएंगे कपिल मिश्रा, विधानसभा में ऐसा क्या हुआ?
सत्र को दो बार स्थगित करने के बाद जब एकबार फिर चर्चा शुरू हुई तो इसकी शुरुआत गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद करते हुए की गई। इस दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा गुरु तेग बहादुर पर बोल रहे थे।
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। इस दौरान विपक्ष की नेता आतिशी के एक बयान पर सदन में जमकर बवाल हुआ। आरोप है कि आतिशी ने कथित तौर पर टिप्पणी की कि गुरुओं के सम्मान की चर्चा छोड़ प्रदूषण के मुद्दे पर बात होनी चाहिए।
बेजीपी नेता कपिल मिश्रा ने सदन में आतिशी के व्यवहार और बयान की जमकर आलोचना की है। कपिल मिश्रा ने कहा कि 'नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सदन में शर्मनाक व्यवहार किया है। आतिशी ने गुरु तेग बहादुर जी की शहादत का अपमान किया है। सदन में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा, उनको माफी मांगनी चाहिए।'
'शर्मनाक, निंदनीय और अस्वीकार्य'
मिश्रा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 350 साल पूरे हुए हैं और विधानसभा में सभी सदस्य अपना-अपना भाषण दे रहे थे। और इसके बीच में नेता विपक्ष ने खड़े होकर जिस प्रकार का व्यवहार किया, चर्चा को भी रोका और विषय का भी अपमान किया। उनका सदन में जो व्यवहार था वह शर्मनाक, निंदनीय और अस्वीकार्य है। मुझे लगता है कि देश में किसी भी नेता विपक्ष ने गुरुओं के विषय पर चर्चा होते हुए इस तरह का शर्मनाम व्यवहार कभी नहीं किया होगा। उन्हें माफी मांगनी होगी और उनके खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव भी लाया जाएगा।'
सिरसा का दावा
दरअसल सत्र को दो बार स्थगित करने के बाद जब एकबार फिर चर्चा शुरू हुई तो इसकी शुरुआत गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद करते हुए की गई। इस दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा गुरु तेग बहादुर पर बोल रहे थे। सिरसा का दावा है कि आतिशी ने गुरुओं का अपमान किया है। सिरसा ने कहा कि जब सदन में गुरुओं के बारे में चर्चा हो रही थी तो आतिशी ने कहा कि उन्हें प्रदूषण पर चर्चा करनी है।
आपको बता दें कि विपक्ष रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ वायु प्रदूषण के मुद्दे पर लगातार हमलावर है। सत्र के पहले दिन आप नेताओं ने मास्क पहन विरोध प्रदर्शन भी किया था। हालांकि सत्ता पक्ष का कहना है कि प्रदूषण पर चर्चा से वे भाग नहीं रहे हैं बल्कि खुद भी ऐसा ही चाहते हैं।





