
वीडियो में छेड़छाड़ नहीं… आतिशी के बयान पर फोरेंसिंक रिपोर्ट में आई; स्पीकर ने साधा निशाना
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दावा किया है कि FSL रिपोर्ट में सदन की रिकॉर्डिंग को सही पाया गया है और इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। उन्होंने आतिशी से माफी की मांग करते हुए पंजाब सरकार की जांच को हस्तक्षेप करार दिया।
दिल्ली में आतिशी के बयान पर राजनीतिक सरगर्मी थमने का नाम नहीं ले रही। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा किया। उन्होंने बताया कि सदन की आधिकारिक रिकॉर्डिंग को विपक्ष की मांग पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में भेजा गया था। रिपोर्ट अब आ चुकी है और यह कहती है कि वीडियो और ऑडियो में कोई डॉक्टरींग या छेड़छाड़ नहीं की गई। दोनों पूरी तरह एक-दूसरे से मेल खाते हैं।
विपक्ष की मांग पर शुरू हुई जांच
स्पीकर ने बताया कि 8 जनवरी को दोनों पक्षों की सहमति से वीडियो FSL को सौंपा गया। सदन में जब जांच का फैसला हुआ, तो अचानक 9 जनवरी को खबर आई कि पंजाब सरकार ने पहले ही 'अपनी' जांच कर ली, वीडियो को डॉक्टर्ड बताया और एफआईआर भी दर्ज कर दी। स्पीकर ने इसे घटनाओं का 'नाटकीय मोड़' करार दिया। अब दिल्ली की FSL रिपोर्ट आने के बाद ये मामला और तूल पकड़ता दिख रहा है।
स्पीकर ने साधा निशाना
इसे लेकर विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा इस पूरे प्रकरण ने गुरुओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक राजनीतिक पार्टी ने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर न सिर्फ भावनाओं को आहत किया, बल्कि विधानसभा की गरिमा को भी चुनौती दी। स्पीकर ने कहा, 'यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।'
आतिशी से माफी की मांग, पंजाब CM को चेतावनी
गुप्ता ने आप की नेता प्रतिपक्ष आतिशी से माफी की मांग करते हुए कहा, 'अब रिपोर्ट साफ है, सदन की ट्रांसक्रिप्ट, वीडियो और ऑडियो सब मेल खाते हैं। उन्हें आगे आना चाहिए, मुझसे मिलना चाहिए, अपनी गलती माननी चाहिए, शब्द वापस लेने चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।' साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि दिल्ली विधानसभा के मामलों में दखल न दें।





