
खुद पर बनते मीम पर CM रेखा गुप्ता हुईं भावुक, बोलीं- तकलीफ होती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आम आदमी पार्टी को यह बात स्वीकार नहीं हो पा रही है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री एक महिला है। उनके मन में यह सोच है कि एक महिला दिल्ली कैसे चला सकती है।’
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद पर बनते मीम पर भावुक नजर आईं। उन्होंने अपने भाषण के दौरान इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) को जमकर खरी-खरी सुनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'आम आदमी पार्टी को यह बात स्वीकार नहीं हो पा रही है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री एक महिला है। उनके मन में यह सोच है कि एक महिला दिल्ली कैसे चला सकती है। अगर मेरे मुंह से कभी कोई शब्द गलत निकल जाता है तो उसपर तुरंत मीम बना दिया जाता है और मेरा मजाक उड़ाया जाता है मुझे इससे बहुत तकलीफ होती है।'
उन्होंने कहा 'कभी वे सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली बातें कहेंगे। कभी घटिया कमेंट करेंगे, बेबुनियाद इल्जाम लगाएंगे और फिर कभी शब्दों को पकड़ेंगे। कहेंगे कि AQI को AIQ बोल दिया। अभी मेरी पूरी स्पीच देखेंगे और उसमें से कुछ निकालकर लाएंगे। जिस तरह से इन लोगों का व्यवहार है मुझे इस बात से तकलीफ है।'
अनशन से शीशमहल तक का सफर
रेखा गुप्ता ने आगे कहा 'मेरे भाषण में ब्रिटिश की जगह गलती से कांग्रेस निकल गया तो उसकी रील बनाना शुरू कर दिया। शब्द तो किसी के मुंह से भी निकल सकते हैं। लेकिन जो आपने किया, वो शब्दों की गलती नहीं थी। आपने होश-हवास में दिल्ली की जनता से झूठ बोला। अनशन से शीशमहल तक का सफर गलती से नहीं हुआ…वो जानबूझकर था। वो सोची-समझी राजनीति थी। वो षड्यंत्र था।'
सीएम ने कहा कि ‘इन लोगों को 24x7 एक महिला मुख्यमंत्री काम करते हुए अच्छी नहीं लगती। उनको तकलीफ होती है, सहन नहीं होता। इससे पहले कभी भी इतने घटिया स्तर की राजनीति कभी नहीं हुई।’
अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने लिया एक्शन
आपको बता दें कि विधानसभा की कार्यवाही दो दिनों तक पूरी तरह बाधित रहने के बाद शुक्रवार को फिर से शुरू हुई तो विपक्ष के नेता एकबार फिर प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा करने की मांग करने लगे। ऐसे में अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आप विधायक संजीव झा को मार्शल आउट कर दिया। गुप्ता ने आश्वसन दिया कि आज ही प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा होगी लेकिन पहले सदन के अन्य कुछ जरूरी काम को पहले निपटा लिया जाए। गुप्ता के बार-बार कहने के बावजूद आप विधायक लगातार चर्चा की मांग कर रहे थे ऐसे में सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने तुरंत मार्शल आउट के निर्देश दे दिए। वहीं इसके बाद संजीव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘हमने सरकार से जवाब मांगा तो तानाशाही रवैया अपनाते हुए हमें सदन से बाहर निकाल दिया गया।’





