
दिल्ली के अलीपुर में बन रहा था 1500 किलो नकली घी, मिलाते थे सिंथेटिक केमिकल
एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने अलीपुर इलाके में बड़े पैमाने पर नकली 'देसी घी' बनाने वाली एक यूनिट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने वहां से 1,500 किलोग्राम नकली घी और इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला 55 लीटर सिंथेटिक एसेंस जब्त किया है।
दिल्ली के अलीपुर में 1500 किलो नकली घी बरामद हुआ है। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने अलीपुर इलाके में बड़े पैमाने पर नकली 'देसी घी' बनाने वाली एक यूनिट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने वहां से 1,500 किलोग्राम नकली घी और इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला 55 लीटर सिंथेटिक एसेंस जब्त किया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को विशिष्ट सूचना के आधार पर, बाहरी-उत्तर ज़िले की एक टीम ने खेड़ा कलां स्थित बंसल एग्रो फूड इंडस्ट्रीज के परिसर पर छापा मारा। पुलिस उपायुक्त (बाहरी-उत्तर) वी हरेश्वर स्वामी ने एक बयान में कहा, "यह फैक्ट्री कई लोकप्रिय ब्रांड नामों के तहत नकली देसी घी बनाने और पैक करने में शामिल थी, ताकि इसे पूरे दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में सप्लाई किया जा सके।" उन्होंने बताया कि शुरुआती सूचना मिलने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अधिकारियों को इसमें शामिल किया गया। एक संयुक्त टीम ने नए कानून के तहत उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए यह छापा मारा।
डीसीपी (DCP) ने कहा, "तलाशी के दौरान, टीम को टिन, कार्टन और पैकेट में वितरण के लिए तैयार बड़ी मात्रा में नकली घी मिला। प्रयोगशाला में जांच के लिए FSSAI की ओर से नमूने भी जब्त किए गए।" पुलिस ने बताया कि यह यूनिट बुराड़ी के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह की ओर से चलाई जा रही थी। वह कथित तौर पर 1995 से नकली देसी घी बनाने के काम में शामिल रहा है और 2014 में उसने अपना काम मौजूदा परिसर में स्थानांतरित कर दिया था।
डीसीपी ने आगे कहा, "सिंह राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के राज्यों में उत्पाद वितरित करता था। ज़ब्त किए गए कुल सामान में 50 टिन (प्रत्येक 15 लीटर), 10 कार्टन (प्रत्येक कार्टन में 500 मिलीलीटर के 30 पैकेट), 9 कार्टन (1 लीटर), दूसरे ब्रांड के दो टिन (प्रत्येक 15 लीटर), 21 टिन (प्रत्येक 15 लीटर), आठ टिन (प्रत्येक 15 लीटर) और 11 प्लास्टिक केन (प्रत्येक 5 लीटर) शामिल हैं, जिनमें कई अलग-अलग ब्रांडों के सिंथेटिक एसेंस मौजूद थे।" एक एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। यह छापा संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी रेंज) विजय सिंह की निगरानी में मारा गया था।





