
दिल्ली एयरपोर्ट से फ्यूल उड़ाने वाले गैंग का भंडाफोड़, 30 साल से फरार इनामी बदमाश दबोचे
दिल्ली एयरपोर्ट समेत कई राज्यों से फ्यूल उड़ाने वाले इस गैंग का 30 साल बाद भंडाफोड हुआ है। ये बदमाश कई राज्यों में वांटेड हैं। क्राइम ब्रांच टीम ने इन्हें दबोचा है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली एयरपोर्ट समेत कई राज्यों में पाइपलाइन से ईंधन चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस संबंध में पुलिस ने गिरोह के दो ईंधन चोरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी पिछले तीन दशक से अधिक समय से इस काम में सक्रिय थे और उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्जनों एफआईआर दर्ज हैं और आरोपियों पर ईनाम भी घोषित है।
गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली के चंदर विहार निवासी स्वर्ण सिंह और रानी बाग निवासी धर्मेंद्र उर्फ रिंकू शामिल हैं। दोनों आरोपी जयपुर में एचपीसीएल पाइपलाइन से तेल चोरी की एक सनसनीखेज मामले में वांछित थे, जिसके कारण इनकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा भी ये कई अन्य मामलों में भी फरार थे, जिन पर विभिन्न राज्यों में मुकदमा चल रहा है।
25 हजार के ईनामी बदमाश
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि आरोपी स्वर्ण सिंह और उसके बहनोई धर्मेंद्र उर्फ रिंकू पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उन्हें हरियाणा व पंजाब में कई मामलों में भगोड़ा भी घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि स्वर्ण सिंह 19 मामलों में आरोपी है, जिसमें 1992 में दिल्ली हवाई अड्डे पर हुई चोरी का पहला मामला भी शामिल है। आरोपियों ने कथित तौर पर भूमिगत पेट्रोलियम पाइपलाइनों के पास परिसर किराए पर लिया था और गुप्त सुरंग खोदकर और तात्कालिक वाल्व सिस्टम लगाकर ईंधन की हेराफेरी की थी। स्वर्ण पहले ईंधन टैंकरों के परिवहन में ड्राइवर के रूप में काम करता था और उसने जयपुर, गुरुग्राम, बठिंडा, कुरुक्षेत्र और दिल्ली के कुछ हिस्सों में अपने कारोबार का विस्तार किया था। वहीं रिंकू भी पेशे से ड्राइवर है। इसने कथित तौर पर स्वर्ण के साथ ईंधन की हेराफेरी करने, चोरी के ईंधन के परिवहन और वितरण में मदद की थी।
डीसीपी ने बताया कि विकासपुरी के पास उनकी गतिविधि के बारे में एक गुप्त सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों इस साल जयपुर में दर्ज एक मामले में फरार थे। दरअसल राजस्थान पुलिस को बीते जून महीने में सूचना मिली कि जयपुर में वसुंधरा कॉलोनी, सारथी छात्रावास, ग्राम दहमी कलां के पास एचपीसीएल पाइपलाइन से तेल चोरी के संकेत मिले हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने राजेश उरांग को उस पते पर पकड़ा जो किरायेदार के रूप में वहां रह रहा था। उसने बताया कि पूरी व्यवस्था स्वर्ण सिंह सरदार और उनके सहयोगियों द्वारा की गई थी। नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इनके जरिए बेचे गए ईंधन की जांच कर रही है।
ऐसे हुआ खुलासा
तीन दिसंबर को विकासपुरी के पास उनकी गतिविधियों की गुप्त सूचना पर पुलिस टीम ने जाल बिछाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। ये जून 2025 में जयपुर के दहमी कलां क्षेत्र में एचपीसीएल पाइपलाइन से तेल चोरी के सनसनीखेज मामले में फरार थे। जयपुर पुलिस ने उस समय राजेश उरांग को पकड़ा था, जिसने परिसर किराए पर ले रखा था। उसने खुलासा किया था कि सुरंग और पाइपलाइन टैपिंग की पूरी व्यवस्था स्वर्ण सिंह और उसके सहयोगियों ने की थी। मौके से खुदाई के औजार और पाइपों से जुड़ा वैल्व सिस्टम मिला था, जिसके जरिये ईंधन पिकअप वाहन में भरा जा रहा था।
कमरे से खुदाई के उपकरण और एक सुरंग मिली
परिसर की तलाशी में कमरे से खुदाई के उपकरण और सुरंग मिली, जहां तीन वाल्वों वाला एक जीआई पाइप एक पारदर्शी प्लास्टिक पाइप से जुड़ा हुआ मिला, जिसके माध्यम से बाहर पिकअप वाहन में रखे टैंक में इंधन भरा जा रहा था।





