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वो कौन सी 'आफत'? जिसने दिल्ली एयरपोर्ट पर रोक दीं 100 से ज्यादा उड़ानें; समझें पूरी बात

वो कौन सी 'आफत'? जिसने दिल्ली एयरपोर्ट पर रोक दीं 100 से ज्यादा उड़ानें; समझें पूरी बात

संक्षेप:

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर कल शाम से ATC का AMSS सिस्टम ठप है, जिससे सैकड़ों फ्लाइट्स 2 घंटे तक लेट हुईं और पूरे देश के हवाई नेटवर्क पर असर पड़ा, जिसे ठीक करने के लिए 50 से ज़्यादा इंजीनियर 18 घंटे से काम कर रहे हैं।

Nov 07, 2025 12:43 pm ISTAnubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कल शाम से शुरू हुई तकनीकी खराबी ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हिलाकर रख दिया। भारत के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे पर ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सिस्टम ने धोखा दे दिया, जिससे सुबह होते ही सैकड़ों फ्लाइट्स लाइन में लग गईं। कंट्रोलर्स को मैनुअल तरीके से हर उड़ान को हैंडल करना पड़ा। कुछ फ्लाइट्स को 53 मिनट से लेकर 2 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी कंपनियों ने पैसेंजर्स को अलर्ट किया। आखिर इस 'हवाई हंगामे' की पूरी कहानी क्या है? आइए समझते हैं।

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क्या है ATC ग्लिच और क्यों फेल हुआ?

AMSS यानी ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम। यह सिस्टम हर फ्लाइट का प्लान, रूट और मौसम की जानकारी सेकंडों में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की स्क्रीन पर पहुंचाता है। कल दोपहर 3 बजे यह सिस्टम अचानक बंद हो गया। इसके बाद से सभी काम मैनुअल तरीके से हो रहे हैं। कंट्रोलर अब फोन और कागज-कलम से हर उड़ान की डिटेल नोट कर रहे हैं। एक काम जो पहले 10 सेकंड में हो जाता था, अब 10-15 मिनट लग रहे हैं। आमतौर पर 1500 से ज्यादा फ्लाइट मूवमेंट्स वाले एयरपोर्ट पर अब घंटे में मुश्किल से कुछ ही उड़ानें संभल पा रही हैं।

कैसे फैला संकट?

आधुनिक एटीसी सिस्टम उड़ान योजनाओं को प्रोसेस करने, विमानों को ट्रैक करने और रियल-टाइम डेटा प्रदान करने के लिए स्वचालित प्रणालियों पर बहुत अधिक निर्भर करता है। AMSS इस पूरी प्रक्रिया की संचार कड़ी के रूप में काम करता है। जब यह ऑटोमेशन विफल होता है, तो कंट्रोलरों को मैन्युअल प्रक्रियाओं पर लौटना पड़ता है। सुरक्षा तो बनी रहती है, लेकिन गति पूरी तरह से खत्म हो जाती है। मैन्युअल प्रोसेस की धीमी गति ने प्रति घंटे प्रोसेस की जाने वाली उड़ानों की संख्या को काफी कम कर दिया, जिससे भारी भीड़भाड़ पैदा हो गई।

सिर्फ दिल्ली नहीं, पूरे नेटवर्क पर असर

दिल्ली देश का एक प्रमुख कनेक्टिंग हब है। यहां देरी होने का मतलब है कि पूरे क्षेत्रीय नेटवर्क में देरी।

  • दिल्ली से आगे जाने वाली उड़ानें जमीन पर खड़ी रह गईं।
  • क्रू के ड्यूटी टाइम लिमिट प्रभावित हुए।
  • गुरुवार को 513 उड़ानें और शुक्रवार सुबह तक 171 और उड़ानें लेट हुईं।
  • मैनुअल क्लीयरेंस के लिए विमानों की कतार लग गई।

AAI क्या कह रही है?

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की 50 से ज्यादा इंजीनियरों की टीम पिछले 18 घंटे से लगातार काम कर रही है। सर्वर रीस्टार्ट किया, बैकअप लोड किया, लेकिन अभी तक सिस्टम पूरी तरह बहाल नहीं हुआ।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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