दिल्ली में 5 साल का सबसे खराब जनवरी, लगातार चौथे दिन गंभीर AQI; चेक करें लिस्ट

Jan 20, 2026 09:58 am ISTAnubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Delhi Pollution: दिल्ली में लगातार चौथे दिन एक्यूआई 400 के पार रहने से पांच साल का रिकॉर्ड टूट गया है। ग्रैप-4 लागू होने के बावजूद प्रदूषण से राहत नहीं मिली है और अब लोगों की उम्मीदें बारिश पर टिकी हैं।

दिल्ली में 5 साल का सबसे खराब जनवरी, लगातार चौथे दिन गंभीर AQI; चेक करें लिस्ट

दिल्ली में जनवरी का महीना इस बार इतिहास रच रहा है। शहर ने पांच साल बाद जनवरी में सबसे खराब हवा का सामना किया है, जहां लगातार चौथे दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से ऊपर रहा। यह आंकड़ा 'गंभीर' श्रेणी में आता है। सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 410 दर्ज किया गया, जो रविवार के 440 और शनिवार के 400 से थोड़ा कम था। वहीं आज भी कई जगहों पर AQI 400 से ऊपर बना हुआ है। यह सिलसिला 2021 के बाद जनवरी में पहली बार देखा गया है।

आज कहां कितना AQI (सुबह 9 बजे तक)

दिल्ली में आज भी सुबह से धुंध की चादर छाई हुई है। सुबह 9 बजे तक ओवरऑल एक्यूआई 394 दर्ज किया गया। वहीं कई स्टेशनों पर AQI 400 के पार बना हुआ है।

इलाकाAQIश्रेणी
दिल्ली (ओवरऑल)394बेहद खराब
मुंडका429गंभीर
विवेक विहार432गंभीर
जहांगीरपुरी442गंभीर
वजीरपुर444गंभीर
चांदनी चौक404गंभीर
द्वारका408गंभीर
आनंद विहार444गंभीर
पंजाबी बाग434गंभीर
आरकेपुरम418गंभीर
नोएडा402गंभीर
ग्रेटर नोएडा373बेहद खराब
गाजियाबाद405गंभीर
गुरुग्राम395बेहद खराब
फरीदाबाद263खराब

हॉटस्पॉट इलाकों में हालात बेहद गंभीर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से कम से कम 25 पर 'गंभीर' श्रेणी दर्ज हुई। वजीरपुर में AQI 473, विवेक विहार में 472 और आनंद विहार में रविवार को 497 तक पहुंच गया। कई इलाकों में स्मॉग इतना घना रहा कि विजिबिलिटी 200 मीटर तक गिर गई। फ्लाइट्स और ट्रेनें प्रभावित हुईं, जबकि स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलना पड़ा।

Delhi pollution

GRAP-4 लागू होने के बावजूद सुधार नहीं

शनिवार शाम AQI 400 पार होते ही कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 नियम लागू कर दिए। इसमें BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर रोक, निर्माण स्थलों पर काम बंद करना और ट्रकों की एंट्री सीमित करना शामिल है। लेकिन इन नियमों के बावजूद हवा में कोई खास सुधार नहीं हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा। कंस्ट्रक्शन साइट्स पर धूल नियंत्रण, गंदे वाहनों पर रोक और पराली जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने में कमी दिख रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कड़ी फटकार लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही CAQM को प्रदूषण के स्रोतों की पहचान और उनके योगदान बताने में 'पूर्ण असफलता' करार दिया था। कोर्ट ने जनवरी में दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट मांगी थी। दिसंबर में भी कोर्ट ने मौजूदा उपायों को 'पूर्ण विफलता' बताया और लंबी अवधि की रणनीति बनाने को कहा था।

मौसम पर टिकी है उम्मीद

एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (EWS) के अनुसार, 20 से 22 जनवरी तक AQI 'बहुत खराब' (300-400) श्रेणी में रहेगा। उसके बाद 23 जनवरी से अगले छह दिन 'खराब' से 'बहुत खराब' के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 22-23 जनवरी की रात से हल्की बारिश का अनुमान जताया है, जो प्रदूषकों को धो सकती है।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें