मरीज दे सकेंगे वार्ड में मिलने वाले खाने का फीडबैक, दिल्ली एम्स में नई व्यवस्था
दिल्ली एम्स अपने वार्डों में दिए जाने वाले आहार पर मरीजों की प्रतिक्रिया लेने के लिए एक नई व्यवस्था करने जा रही है। यह 31 दिसंबर से पहले लागू हो जाएगी। एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ एम श्रीनिवास ने कहा कि इस पहल से भोजन की गुणवत्ता जैसे पहलुओं में सुधार होने की उम्मीद है।

दिल्ली एम्स अपने वार्डों में दिए जाने वाले आहार पर मरीजों की प्रतिक्रिया लेने के लिए एक नई व्यवस्था करने जा रही है। यह 31 दिसंबर से पहले लागू हो जाएगी। एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ एम श्रीनिवास ने कहा कि इस पहल से भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों जैसे पहलुओं में सुधार होने की उम्मीद है।
डॉ एम श्रीनिवास ने बताया कि डायटेटिक्स विभाग द्वारा प्रत्येक मरीज के बिस्तर पर क्यूआर कोड चिपकाया जाएगा। इसके जरिए मरीजों की प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए एक तंत्र विकसित किया गया है। इससे मरीजों को अपने मोबाइल फोन से कोड स्कैन करने और अस्पताल में परोसे जाने वाले आहार के बारे में अपनी राय बताने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, आहार विशेषज्ञ विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों से बात करेंगे और उनके भोजन के अनुभवों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी भी एकत्र करेंगे।
डॉ. श्रीनिवास ने कहा कि देखभाल में सुधार के लिए रोगी की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें आहार सेवाएं कोई अपवाद नहीं हैं। यह पहल हमारे रोगियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी और हमारी टीम को खाद्य स्वच्छता और पोषण में सुधार करने में मदद करेगी। हम प्रत्येक रोगी के अनुभव से अस्पताल में सुधार करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि आहार विशेषज्ञ न केवल फीडबैक लेंगे, बल्कि यह भी देखेंगे कि क्या इनमें सुधारों केलिए कोई पैटर्न है, जिसे करने की आवश्यकता हो सकती है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि तैयार किया गया आहार भोजन की सुरक्षा और पोषण संतुलन सुनिश्चित करने के अलावा रोगियों की लगातार बदलती जरूरतों और स्वाद को पूरा करेगा।
दिल्ली एम्स के मीडिया सेल की प्रभारी प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा ने कहा कि अच्छा पोषण मरीजों के रिकवरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई व्यवस्था से उनकी इलाज प्रक्रिया के साथ समन्वय करने के लिए सर्वोत्तम पोषण संभव है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल एक मरीज को मिलने वाले आहार की गुणवत्ता में सुधार करना चाहती है, बल्कि स्वास्थ्य प्रदाताओं और मरीजों के बीच विश्वास और संचार का माहौल भी बनाना चाहती है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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