
दिल्ली एम्स में नर्सिंग पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को मिलेगा हर माह मिलेगा वजीफा, कितनी रकम?
दिल्ली एम्स से नर्सिंग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को भी हर महीने वजीफा मिलेगा। एम्स के गवर्निंग बॉडी (जीबी) से स्वीकृति मिलने के बाद संस्थान के रजिस्ट्रार ने आदेश जारी कर दिया है।
दिल्ली एम्स से नर्सिंग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। उन्हें भी नर्सिंग स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान हर महीने 15 हजार रुपये वजीफा मिलेगा। एम्स के गवर्निंग बॉडी (जीबी) से स्वीकृति मिलने के उपरांत संस्थान के रजिस्ट्रार ने चार दिसंबर को एक आदेश जारी कर दिया है। इसलिए एम्स में अब यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
इससे एम्स से नर्सिंग स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को आर्थिक दृष्टि से भी फायदा होगा। बता दें कि एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद मेडिकल स्नातकोत्तर में दाखिला लेने वाले छात्रों को नामांकन के साथ ही जूनियर रेजिडेंट डाक्टर पद मिल जाता है। इसलिए वे पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों का इलाज भी करते हैं और उन्हें अच्छा वेतन भी मिलता है।
बताया जा रहा है कि कई नए एम्स में नर्सिंग स्नातकोत्तर के छात्रों को भी वजीफा दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन दिल्ली एम्स में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके मद्देनजर दिल्ली दिल्ली में भी इसे लागू करने का प्रस्ताव था। दो वर्षों से इस पर विचार चल रहा था। इसी क्रम में सबसे पहले नौ नवंबर 2023 में एम्स के स्थायी अकादमिक समिति से इसे स्वीकृति दी गई।
फिर पिछले वर्ष 18 जुलाई को संस्थान के स्थायी वित्त समिति से स्वीकृति मिली। इसके बाद इस वर्ष 12 सितंबर को जीबी की बैठक में इस मुद्दे को रखा गया। जिसे एम्स की जीबी ने स्वीकृति दे दी थी। लिहाजा, अब एम्स ने इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाया है।
इसके तहत अस्पताल में मरीजों की देखभाल व शोध भी नर्सिंग स्नातकोत्तर की पढ़ाई का हिस्सा होगा। इसलिए ओपीडी व वार्ड में उनकी ड्यूटी भी लग सकती है। साथ ही संबंधित विभाग के फैक्लटी उनके कार्य का नियमित मूल्यांकन भी करेंगे। वैसे एम्स के नर्सिंग अधिकारी बताते है कि नर्सिंग की छात्रों की ड्यूटी पहले से भी लगती रही है।





