
फ्लैट से पहले धुआं निकला, फिर धमाका... दिल्ली के मेट्रो क्वार्टर में कैसे लगी भीषण आग
दिल्ली के आदर्श नगर में मेट्रो स्टाफ क्वार्टर की पांचवीं मंजिल पर शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग में असिस्टेंट इंजीनियर, उनकी पत्नी और मासूम बेटी की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
आदर्श नगर इलाके में स्थित दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के स्टाफ क्वार्टर्स में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। इस हादसे में असिसटेंट इंजीनियर, उनकी पत्नी और दस साल की बेटी जिंदा जल गए।
पांचवीं मंजिल पर रहता था परिवार
परिवार मेट्रो क्वार्टर में बनी इमारत की पांचवीं मंजिल पर रहता था। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के सदस्यों को भागने तक का मौका नहीं मिला। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी। बहरहाल पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से मामले की जांच कर रही है।
फायर सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें सोमवार रात करीब 2:39 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि आदर्श नगर इलाके में मेट्रो स्टाफ क्वार्टर की पांचवीं मंजिल पर आग लगी है। इस पर दमकल की छह गाड़ियों को तुरंत एफ ब्लॉक में मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित घटनास्थल पर भेजा गया। टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। इसके बाद टीम क्वार्टर के अंदर पहुंची, तो दंपति और उनकी बेटी की गंभीर रूप से झुलसे शव मिले। दमकल कर्मियों ने बताया कि आग इमारत की पांचवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में लगी थी। जब वह मौके पर पहुंचे, तो लपटें फ्लैट के बाहर निकल रही थीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब दंपति और उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय विमल, उनकी पत्नी 38 वर्षीय नीलम और उनकी 10 साल की बेटी जान्हवी के रूप में हुई है। अजय दिल्ली मेट्रो में असिस्टेंट इंजीनियर थे।

फ्लैट से पहले धुआं निकला, फिर धमाका
मेट्रो क्वार्टर में हादसे की प्रारंभिक जांच और आसपास के लोगों से मिली जानकारी यह पता चला है कि फ्लैट से पहले धुआं निकला फिर कुछ देर बाद एक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की गूंज करीब दो सौ मीटर तक सुनी गई।
आशंका जताई जा रही है कि रूम हीटर में धमाके के बाद आग लगी होगी, जो पूरे कमरे में तेजी से फैल गई। चूंकि देर रात होने के कारण परिवार सो रहा होगा और इस दौरान ही अचानक आग लग गई, जिससे वह भाग नहीं सका। इस दौरान कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाने के कारण परिवार के सदस्य बेहोश गए होंगे। इस कारण परिवार के सदस्यों को समय पर बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। बहरहाल पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज हादसे की सूचना इनके परिजनों को दे दी है।
उधर, मौके पर मौजूद आसपास के लोगों ने बताया कि तेज धमाका होने पर मृतक के फ्लैट के आसपास रहने वाले अन्य फ्लैट के लोग बाहर आ गए। इस दौरान उन्होंने देखा कि पांचवीं मंजिल पर आग लगी है। काफी धुंआ निकल रहा था। तुरंत घटना की जानकारी फायर विभाग को दी गई।
डीएमआरसी ने शोक जताया
मेट्रो की रेजिडेंशियल कॉलोनी के एक फ्लैट में आग की घटना में डीएमआरसी ने अपने साथी अजय विमल, उनकी पत्नी और उनकी बेटी को खो दिया। डीएमआरसी की ओर से पुलिस को पूरा सहयोग दिया रहा है और मृतक के रिश्तेदारों के साथ खड़ा है।
मूलत: उज्जैन के रहने वाले थे असिस्टेंट इंजीनियर
हादसे में मारे गए अजय मूल रूप से मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले थे। वह 15 वर्ष पूर्व दिल्ली आ गए थे। वह दिल्ली मेट्रो में असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर थे। मौके पर मौजूद उनकी बहन ऊषा ने बताया कि वे तीन बहन और दो भाई हैं। अजय छोटा भाई था। बड़े भाई उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। आखिरी बार अजय की परिवार के सदस्यों से फोन पर नववर्ष पर बात हुई थी। सभी काफी खुश थे।





