
दिल्ली में ये 62 पॉइंट हैं ट्रैफिक के असली 'गुनहगार', सरकार ने बनाया प्रदूषण घटाने का प्लान
दिल्ली सरकार ने 62 सबसे खतरनाक ट्रैफिक जाम पॉइंट्स की पहचान कर ली है, जहां घंटों जाम और उच्च प्रदूषण रहता है, जिसे कम करने के लिए 3 चरणों में प्लान बनाया गया है, जिसमें तत्काल अतिक्रमण हटाना और गलत पार्किंग पर सख्ती शामिल है, जिससे वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण होगा।
दिल्ली सरकार ने आखिरकार शहर के 62 सबसे खतरनाक ट्रैफिक जाम पॉइंट्स की लिस्ट तैयार कर ली है। ये वो बदनाम चौक-चौराहे और सड़कें हैं जहां रोज सुबह-शाम लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसते हैं और प्रदूषण का लेवल आसमान छूने लगता है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर भवभूति मार्ग से लेकर मधुबन चौक, मयूर विहार फेज-3, साउथ एक्स, पंजाबी बाग राउंडअबाउट, कश्मीरी गेट और आनंद विहार तक ऐसे कई इलाके हैं।

इनमें से आधे से ज्यादा जगहों पर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में भयंकर जाम लगता है। सफदरजंग अस्पताल, आजमेरी गेट, साकेत में मैक्स अस्पताल के बाहर का रास्ता और रिंग रोड पर पंजाबी बाग सर्कल सबसे बदनाम हैं। वीकेंड पर साउथ एक्स पार्ट-1, मजनू का टीला और मयूर विहार फेज-3 में मार्केट की भीड़ से हालात और बिगड़ जाते हैं। सिर्फ दो जगहें गुरु रविदास मार्ग और नजफगढ़ रोड दिन भर लगभग जाम में रहती हैं।
जाम की जड़ में छोटी-छोटी लेकिन गंभीर समस्याएं हैं। तीस हजारी के पास वकीलों की गाड़ियां दोनों तरफ की सड़क पर खड़ी हो जाती हैं। मजनू का टीला में फुट ओवरब्रिज का काम, संकरी गलियां और वीकेंड पर तिब्बती मार्केट की भीड़ मिलकर पूरा इलाका बंद कर देती है। बुराड़ी में दिल्ली जल बोर्ड की खुदाई, टूटे डिवाइडर और स्कूल का समय रोज का दर्द बन जाता है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि कई जगहों पर तुरंत राहत देने वाले काम शुरू हो चुके हैं। अगले कुछ महीनों में हालात में काफी सुधार दिखेगा। उनका कहना है कि जाम कम करना अब प्रदूषण नियंत्रण की सबसे बड़ी रणनीति का हिस्सा है। सरकार ने तीन चरणों में पूरा प्लान तैयार किया है। पहले 30 दिनों में अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात की जा रही है, अवैध पार्किंग और गलत साइड ड्राइविंग पर सख्ती की जा रही है, फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया जा रहा है और गड्ढों की मरम्मत तेज कर दी गई है। बुराड़ी मुख्य सड़क, कश्मीरी गेट ISBT, खानपुर और जैतपुर जैसे इलाकों में सबसे पहले काम हो रहा है।
अगले 30 से 90 दिनों में चौकों को नया डिजाइन दिया जाएगा, सिग्नल का समय बदला जाएगा, बस स्टॉप और ऑटो स्टैंड दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे। साउथ एक्सटेंशन में पैदल चलने वालों के लिए नई व्यवस्था बनेगी तो राजौरी गार्डन, नारायणा और रोहतक रोड को भारी ट्रैफिक झेलने लायक बनाया जाएगा। लंबे समय का प्लान और भी बड़ा है। जहां संभव होगा सड़कें चौड़ी की जाएंगी, सर्विस लेन बनेंगी, फुट ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए जाएंगे। स्मार्ट सिग्नल सिस्टम और डेडिकेटेड बस लेन भी आएंगी। कालिंदी कुंज और सराय काले खां जैसे सबसे मुश्किल पॉइंट्स पर बड़े ग्रेड सेपरेटर और नई मर्ज लेन बनाई जाएंगी।
सभी विभाग अब एक साथ काम करेंगे। PWD, MCD, ट्रैफिक पुलिस, मेट्रो और ट्रांसपोर्ट विभाग की जॉइंट टास्क फोर्स हर हफ्ते रिव्यू करेगी। जल्द ही एक रियल-टाइम डैशबोर्ड भी लॉन्च होगा जो बताएगा कि इस वक्त दिल्ली में कहां कितना जाम है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जाम कम होने से PM2.5 के साथ-साथ नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का स्तर भी घटेगा, जो अस्थमा और सांस की बीमारियों का बड़ा कारण है। पिछले हफ्ते ITO पर 221 और IGI एयरपोर्ट T3 पर 240 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर NO₂ दर्ज किया गया, जो सुरक्षित सीमा से तीन गुना ज्यादा है।





