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दूसरे के चालान करते हैं और खुद नियम तोड़ रहे! दिल्ली में 4 में 1 सरकारी गाड़ी के पास नहीं PUC

दूसरे के चालान करते हैं और खुद नियम तोड़ रहे! दिल्ली में 4 में 1 सरकारी गाड़ी के पास नहीं PUC

संक्षेप:

दिल्ली परिवहन विभाग ने NGT को बताया कि 31,000 रजिस्टर्ड गैर-इलेक्ट्रिक सरकारी गाड़ियों में से करीब 40% के पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं है, यानी ये गाड़ियां प्रदूषण फैला रही हैं।

Oct 09, 2025 08:52 am ISTAnubhav Shakya नई दिल्ली, हिंदुस्तान टाइम्स
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दिल्ली की हवा को साफ रखने की जिम्मेदारी जिन सरकारी गाड़ियों पर है, वे खुद नियम तोड़ रही हैं। दिल्ली के परिवहन विभाग ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को बताया कि 19 जून 2025 तक लगभग 31,000 रजिस्टर्ड गैर-इलेक्ट्रिक सरकारी वाहनों में से करीब 40% के पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट ही नहीं था। यानी, ये गाड़ियां दिल्ली की सड़कों पर धुआं उड़ाती फिर रही हैं।

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आंकड़ों ने खोली पोल

22 सितंबर को NGT को सौंपी गई रिपोर्ट में सामने आया कि 14,569 सरकारी वाहनों के पास तो वैध PUC था, लेकिन 4,027 गाड़ियों की स्थिति के बारे में परिवहन विभाग के पास कोई जानकारी ही नहीं। यह खुलासा तब हुआ, जब रोहतास नगर से बीजेपी विधायक जितेंद्र महाजन ने पिछले साल दिसंबर में NGT में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई सरकारी गाड़ियां, जिनमें उनकी अपनी गाड़ी भी शामिल है, बिना PUC के चल रही हैं। इतना ही नहीं, महाजन ने यह भी दावा किया कि दिल्ली में कई पुरानी गाड़ियां, जिनका समय पूरा हो चुका है, अभी भी सड़कों पर दौड़ रही हैं।

सरकारी गाड़ियों की लिस्ट में 'जंक' का खेल

महाजन ने अपनी याचिका में 100 से ज्यादा ऐसी सरकारी गाड़ियों की लिस्ट दी, जो अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं, फिर भी इस्तेमाल हो रही हैं। परिवहन विभाग ने NGT को बताया कि उन्होंने इनमें से 102 गाड़ियों को सरकारी माना, जबकि चार निजी मालिकों की थीं। इनमें से 30 के पास वैध PUC था, 60 बिना PUC के पकड़ी गईं और उन पर जुर्माना ठोका गया। छह गाड़ियां स्क्रैप हो चुकी हैं, दो स्क्रैपिंग की प्रक्रिया में हैं, तीन सड़कों पर नहीं चल रही हैं और पांच को 'एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स' (ELVs) घोषित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किया गया है।

विभाग की सफाई

परिवहन विभाग ने NGT को बताया कि उनके पास यह जानकारी नहीं है कि कौन से सरकारी विभाग बिना PUC वाली गाड़ियां चला रहे हैं। विभाग ने सभी सरकारी विभागों को चिट्ठी लिखकर PUC रिन्यू कराने को कहा है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'हमने सभी विभागों को PUC रिन्यू करने के लिए लिखा है। कुछ गाड़ियों पर तो जुर्माना भी लगा है। अगर ये गाड़ियां ANPR कैमरों में पकड़ी जाती हैं, तो ऑटोमैटिक जुर्माना लगता है, जो विभागों के लिए भारी पड़ता है।'

सस्ता PUC, महंगा जुर्माना

PUC सर्टिफिकेट की कीमत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। चार-पहिया वाहनों के लिए सालाना PUC सिर्फ 110 रुपये का है और दो-पहिया के लिए 80 रुपये। लेकिन अगर PUC एक्सपायर हो जाए, तो जुर्माना 10,000 रुपये तक हो सकता है। दिल्ली में 950 से ज्यादा PUC सेंटर हैं, ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर, फिर भी सरकारी गाड़ियां नियम तोड़ रही हैं।

कैमरों की नजर में 1,360 गाड़ियां पकड़ी गईं

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के आदेश पर दिल्ली में पेट्रोल पंपों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों ने 1,360 ऐसी सरकारी गाड़ियों को पकड़ा, जिनके PUC एक्सपायर थे। लेकिन, विभाग की रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि इन गाड़ियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई।

परिवहन विभाग ने बताया कि पिछले दो साल में उन्होंने 2,050 निरीक्षण किए, 274 सलाह जारी कीं, 76 शो-कॉज नोटिस दिए और 17 PUC सेंटरों को नियम तोड़ने के लिए सस्पेंड किया। लेकिन सवाल यह है कि जब सरकारी गाड़ियां ही नियम तोड़ रही हैं, तो दिल्ली की हवा कैसे साफ होगी?

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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