
दिल्ली@2026: नए साल में मेट्रो, एक्सप्रेस-वे और नए अस्पतालों से बदलेगी राजधानी की तस्वीर
साल 2026 में दिल्ली को फेज-4 मेट्रो, देहरादून एक्सप्रेस-वे और नए अस्पतालों की सौगात मिलेगी, जिससे परिवहन और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी और लोगों का जीवन और भी सुगम और आधुनिक बनेगा।
वर्ष 2026 में राजधानी की कई परियोजनाएं लोगों के जीवन की राह आसान बनाएगी। इसमें परिवहन से लेकर किफायती आवासीय योजना शामिल हैं। इसके अलावा मेट्रो नेटवर्क, फुटओवर ब्रिज सहित कई अन्य परियोजनाएं भी पूरी होंगी। दिल्ली और केंद्र सरकार की योजनाएं अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के जीवन को सुगम बनाएंगी।
मेट्रो नेटवर्क बढ़ेगा
मेट्रो के फेज-4 के तहत बन रहे तीन कॉरिडोर में से एक मजलिस पार्क से मौजपुर कॉरिडोर फरवरी-2026 से शुरू होने की उम्मीद है। बनकर तैयार हो चुके इस कॉरिडोर पर ट्रायल हो चुके हैं। इनके अलावा डीएमआरसी के जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम, एयरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर का काम भी अंतिम चरण में हैं।
तीन घंटे में पहुंचेंगे जयपुर
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का डीएनडी से मीठापुर तक नौ किलोमीटर का महत्वपूर्ण खंड जून 2026 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से लोग बांदीकुई-जयपुर लिंक के जरिये केवल तीन घंटे में जयपुर पहुंच सकते हैं।
देहरादून जाना होगा आसान
दिल्ली-देहरादून हाईवे को जनवरी में खोलने की तैयारी है। यह हाईवे अक्षरधाम मंदिर के पास एनएच-नौ से शुरू होकर लोनी, बागपत, करौंदा, शामली व सहारनपुर से होते हुए देहरादून तक बना है। अभी दिल्ली से देहरादून पहुंचने में छह घंटे लगते हैं। इस हाईवे के खुलने से यात्रा का समय घटकर मात्र ढाई घंटे रह जाएगा।
यमुना डूब क्षेत्र का होगा कायाकल्प
यमुना डूब क्षेत्र में कई परियोजनाओं को शुरू करते हुए डीडीए इसका कायाकल्प करेगा। इसमें मयूर विहार नेचर पार्क यमुना के पूर्वी बैंक में 397.8 हेक्टेयर (982 एकड़) की जमीन पर संभावित 80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा।
ई-बसों की संख्या बढ़ेगी
वर्ष 2026 में बसों के बेड़े को पूरी तरह इलेक्ट्रिक कर दिया जाएगा। दिल्ली सरकार बसों की संख्या को 7000 करने की तैयारी में है, ताकि लोगों को बसों का इंतजार न करना पड़े। साल 2026 दिल्ली के सड़क परिवहन की दिशा में सबसे अहम होगा। प्राइवेट ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जगह-जगह चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
नए अस्पताल खुलेंगे
नए साल में दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग का ढांचा और मजबूत होगा। राजधानी में आठ नए और तीन पुराने अस्पतालों के नए ब्लॉक में इलाज शुरू हो जाएगा। इससे अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ेगी और मरीजों के लिए इलाज आसान हो जाएगा। उन्हें इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
शिक्षा जगत में होंगे बदलाव
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर एक वर्षीय पाठ्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एक अहम कदम माना जा रहा है। नरेला में प्रस्तावित एजुकेशन हब नए साल की बड़ी उम्मीदों में शामिल है। जमीन आवंटन के बाद यहां विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की स्थापना होगी।





