जोरदार आवाज आई, मैं दौड़कर बाहर गया; चश्मदीद ने बताया दीपिका की मौत से पहले उसने वहां क्या कुछ देखा था
गुलजार चौधरी ने आगे कहा, ‘घटना के वक्त ऊपर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं था, मैंने ऋतिक को सीढ़ियों से आते हुए देखा था। घर का दरवाजा ऋतिक की बहन ने खोला था, और उसकी भी चीख निकल गई थी। उनके पिता थोड़ी देर बाद बाहर निकले थे।’

नोएडा में इमारत से गिरकर हुई विवाहिता दीपिका नागर (24) की मौत का मामला फिलहाल सुर्खियों में बना हुआ है, जहां एक तरफ युवती का ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं महिला के परिजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए दीपिका के ससुराल वालों पर दहेज के लालच में बेटी की हत्या का आरोप लगाया है। इसी बीच रविवार रात को हुई इस घटना का एक चश्मदीद भी सामने आया है, जिसका कहना है कि रात को अचानक उसे किसी चीज के गिरने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वह भागते हुए बाहर आया तो सामने महिला को जमीन पर पड़ा पाया। चश्मदीद युवक की पहचान गुलजार चौधरी के रूप में हुई है, जो कि नोएडा के जलपुरा गांव में स्थित उसी घर के सामने रहता है, जहां से गिरकर दीपिका नागर की मौत हुई है।
रविवार की रात हुई उस घटना को याद करते हुए गुलजार ने एएनआई से कहा, 'मैं अपने घर के अंदर बैठा हुआ था जब बाहर से एक जोरदार आवाज आई। मैं दौड़कर बाहर गया, मैंने सड़क पर मुंह के बल एक महिला को गिरा हुआ पाया। फिर मैंने जाकर उन्हें उठाया, तो वह सामने रहने वाले युवक ऋतिक की पत्नी निकली। तभी ऊपर की मंजिल से ऋतिक भागते और चिल्लाते हुए नीचे आया और उसने मुझसे कहा कि भैया इनका उठवाकर गाड़ी में रखवा दो। फिर हम दोनों ने मिलकर महिला को गाड़ी में रखा, फिर वो उनको अस्पताल लेकर गए।'
'दीपिका का चेहरा जमीन की तरफ था'
जमीन पर पड़ी दीपिका की स्थिति बताते हुए गुलजार ने कहा, 'उनका चेहरा जमीन की ओर पड़ा हुआ था। वो लोहे के जाल पर गिरी थीं। ऋतिक और उसके पिता पहले महिला को सैनी अस्पताल लेकर गए, वहां से उनको मना कर दिया गया, तो फिर इसके बाद वो उन्हें शारदा अस्पताल लेकर गए। उस वक्त रात के करीब साढ़े 12 बज रहे थे। गाड़ी को पहले ऋतिक चलाकर लेकर गया, फिर सैनी अस्पताल से उसके पिता मनोज गाड़ी चलाकर लेकर गया।'
युवक ने भी अपने स्तर पर की थी जांच
गुलजार चौधरी ने आगे कहा, ‘घटना के वक्त ऊपर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं था, मैंने ऋतिक को सीढ़ियों से आते हुए देखा था। घर का दरवाजा ऋतिक की बहन ने खोला था, और उसकी भी चीख निकल गई थी। उनके पिता थोड़ी देर बाद बाहर निकले थे। घटना के बाद मैंने भी अपने स्तर पर जांच करते हुए घर के अंदर और ऊपर जाकर देखा था, उस वक्त घर में दीपिका के अलावा ऋतिक, उसकी बहन और उसके पिता ही मौजूद थे।’
'इससे पहले कभी नहीं देखा था दीपिका का चेहरा'
युवक ने आगे बताया कि 'इससे पहले तक हमने कभी भी दीपिका का चेहरा नहीं देखा था, कल समाचार में पहली बार हमने दीपिका का चेहरा देखा। किसी के घर उसका आना-जाना नहीं था। वह बहुत अच्छे तरीके से रहती थी, अगर कहीं जाना भी होता था तो वो घूंघट करके घर से बाहर निकलती थी।'
युवक बोला- ससुर बनवा रहे थे बहू के लिए स्कूल
गुलजार ने तो यह भी दावा किया कि दीपिका के ससुर उसके लिए एक स्कूल बनवा रहे थे। उसने कहा, 'ऋतिक भी अच्छा लड़का है, हमने कभी उनकी लड़ाई के बारे में नहीं सुना। लड़का उतना ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, लेकिन बहू ने बीएड किया हुआ था, इसलिए ऋतिक के पिता अपनी पढ़ी-लिखी बहू के लिए एक स्कूल बनवा रहे थे। ऐसा हमने गांव में सुना था।'
बता दें कि रविवार रात को हुई इस घटना के बाद दीपिका के पति ऋतिक और ससुर मनोज को इकोटेक-3 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही पुलिस ने दीपिका के परिजनों द्वारा उसके ससुर पर लगाए गए आरोपों की जांच करने की बात कही है। दीपिका की शादी करीब डेढ़ साल पहले जलपुरा गांव के निवासी ऋतिक से हुई थी।
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