
गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर घूसखोरी में अरेस्ट, कफ सिरप तस्कर गैंग से रिश्वत लेने का आरोप
गाजियाबाद में प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को 3.87 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
गाजियाबाद में प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को 3.87 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जेल भेजे गए आरोपियों को विवेचना में लाभ पहुंचाने के नाम पर इंस्पेक्टर ने रिश्वत ली। घूस देने वाले आरोपी को भी शुक्रवार को दबोच लिया गया। दोनों ने रिश्वत के आरोपों से इनकार किया है।

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल का कहना है कि 4 नवंबर को क्राइम ब्रांच ने मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में चल रही बरेली-गोरखपुर ट्रांसपोर्ट के गोदाम में छापेमारी की थी। वहां से चार ट्रक में लदा 3.40 करोड़ कीमत का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया गया था। साथ ही मौके से आठ तस्करों सौरभ त्यागी निवासी ग्राम मकनपुर थाना इंदिरापुरम, शादाब निवासी कैला भट्टा थाना नगर कोतवाली, शिवकांत उर्फ शिव निवासी ग्राम बेदीपुर थाना बिल्हौर कानपुर नगर, संतोष भड़ाना निवासी ग्राम गढ़ी-माजरा थाना मधुबन बापूधाम, अंबुज कुमार निवासी ग्राम नंगली थाना दौराला मेरठ, धर्मेन्द्र कुमार निवासी ग्राम शेषपुर थाना सुरापुरा सुल्तानपुर और दीपू यादव व सुशील यादव निवासी ग्राम जरवा थाना जतारा टीकमगढ़ मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया गया था। जबकि तस्करी का अंतरराष्ट्रीय गैंग चलाने वाला सरगना मेरठ निवासी आसिफ व वसीम और वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके थे।
आरोपियों से की गई पूछताछ में तस्करों द्वारा बांग्लादेश और अरब देशों में प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी करने की बात सामने आई थी। डीसीपी सिटी ने बताया कि सिरप तस्करों के खिलाफ नंदग्राम थाने में केस दर्ज कराया गया था, लेकिन बाद में मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इंस्पेक्टर रमेश सिंह सिद्धू को जांच टीम का प्रभारी बनाया गया था।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई : डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि 20 नवंबर को मुखबिर ने सूचना दी कि इंस्पेक्टर रमेश सिद्धू ने कफ सिरप तस्करी के अभियुक्तों को लाभ पहुंचाने के लिए राहुल शर्मा नाम के व्यक्ति से लाखों रुपये लिए हैं। यह रकम कार में रखी हुई है और कार क्राइम ब्रांच परिसर में खड़ी है। सूचना पर एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय ने सिहानी गेट थाना प्रभारी और पुलिस बल के साथ गुरुवार रात करीब 8 बजे छापेमारी की। कार से 3.87 लाख रुपये बरामद हुए। इसके बाद इंस्पेक्टर रमेश सिंह सिद्धू को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद पुलिस ने बरेली निवासी राहुल शर्मा को भी शुक्रवार को दबोच लिया। एसीपी नंदग्राम ने इंस्पेक्टर रमेश सिंह सिद्धू और राहुल शर्मा के खिलाफ सिहानी गेट थाने में केस दर्ज कराया है।
एनजीओ संचालक के इशारे पर राहुल ने इंस्पेक्टर से मुलाकात की
राहुल शर्मा ने दिल्ली स्थित एक एनजीओ संचालक के इशारे पर सिरप तस्करी में जेल भेजे जा चुके अभियुक्तों का पैरोकार बनकर इंस्पेक्टर से मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार, राहुल ने इंस्पेक्टर को प्रलोभन देकर आरोपियों की मदद कराने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि राहुल को एक साजिश के तहत भेजा गया था और उसके विरोधी तस्कर गैंग से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को शक है कि इंस्पेक्टर को फंसाकर गैंगों की वर्चस्व लड़ाई को नया मोड़ देने की योजना थी।
इंस्पेक्टर के बेटे ने रकम निकालने का सबूत दिया
इंस्पेक्टर रमेश सिंह सिद्धू ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि यह उनकी निजी राशि है। इंस्पेक्टर के मुताबिक, वह थाना अमरोहा देहात के गांव कैलसा के रहने वाले हैं। गांव के प्रथमा पूंजी ग्रामीण बैंक में उनकी पत्नी सविता का खाता है। इस खाते से उन्होंने बीते 9 अक्टूबर को साढ़े चार लाख रुपये किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये निकाले थे। प्रशांत ने निकासी से जुड़े सुबूत भी पुलिस को उपलब्ध कराए।
गैंगवार की चर्चा
प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी के काले कारोबार में अब गैंगवार शुरू होने की भी चर्चा है। सूत्रों की मानें तो दुबई में बैठे आसिफ के गैंग के अलावा देश में कई अन्य गिरोह भी इसी नेटवर्क में सक्रिय हैं। तस्करी के इस धंधे में पैसे और वर्चस्व की लड़ाई ने कई बार गैंगों को आमने-सामने खड़ा कर दिया। गाजियाबाद पुलिस ने बीते 4 नवंबर को आसिफ गैंग के जिन सदस्यों को दबोचकर जेल भेजा था, वही गैंग पहले अपने प्रतिद्वंद्वी गिरोह की मुखबिरी करवा चुका है।
धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी, ''मुखबिर से सूचना मिलने पर एसीपी नंदग्राम ने क्राइम ब्रांच परिसर में छापेमारी की। कार से 3.87 लाख रुपये बरामद होने के बाद इंस्पेक्टर रमेश सिंह सिद्धू को गिरफ्तार कर लिया गया। रिश्वत देने वाले राहुल शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है।''





