
शिमला के चलौंठी में घरों में दरारें; मंत्री के दौरा, कमेटी गठित, जांच के निर्देश
Himachal Pradesh Shimla Cracks: शिमला के चलौंठी क्षेत्र में हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई रिहायशी मकानों में दरारें आ गई हैं। मामला मकानों तक सीमित नहीं है। संजौली-ढली बाईपास सड़क के किनारे भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। एक बहुमंजिला भवन को खाली करा लिया गया है।
शिमला के चलौंठी क्षेत्र में फोरलेन टनल निर्माण से हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई रिहायशी मकानों में दरारें आ गई हैं। एक बहुमंजिला भवन को खाली करा लिया गया है। आसपास के अन्य मकानों को भी खतरे की जद में बताया जा रहा है। घरों में दरारों के बाद संजौली-ढली बाईपास सड़क के किनारे भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। मौके पर पुलिस और अन्य विभागों की टीमों को तैनात किया गया है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
कई मकानों में दरारें, नुकसान का आकलन करेगी कमेटी
बताया जाता है कि टनल के भीतर हो रही ब्लास्टिंग के कारण कई रिहायशी मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। स्थिति को गंभीर मानते हुए उपायुक्त शिमला ने नुकसान के आकलन के लिए एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
सड़क के किनारे भी दरारें
स्थानीय लोगों ने बताया कि दरारें घरों तक सीमित नहीं हैं। संजौली-ढली बाईपास सड़क के किनारे भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। बीती रात हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने एहतियातन एक बहुमंजिला भवन को खाली करवाया था। आसपास के अन्य मकानों को भी खतरे की जद में बताया जा रहा है।
प्रभावितों को दूसरे जगह किया शिफ्ट
प्रभावित परिवारों को देर रात ही सुरक्षित स्थान पर किसान भवन में शिफ्ट किया गया। प्रशासन की ओर से मौके पर पुलिस और अन्य विभागों की टीमों को तैनात किया गया।
मंत्री ने लिया हालात का जायजा
शनिवार सुबह मंत्री अनिरुद्ध सिंह चलौंठी पहुंचे और क्षतिग्रस्त भवनों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी परेशानियां सुनीं और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी।
प्रभावितों को तुरंत राहत देने के निर्देश
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने एनएचएआई अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को तुरंत राहत दी जाए और मुआवजा प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न की जाए। फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याएं लंबे समय से सामने आ रही हैं।
2 से 3 मकानों को कराना पड़ा खाली
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि टनल निर्माण में की जा रही ब्लास्टिंग के कारण यहां 2 से 3 मकानों को खाली करवाना पड़ा है, जबकि आसपास और ऊपर की ओर बने अन्य मकानों को भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वह पहले भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बात कर चुके हैं।
मकानों तक सीमित नहीं रहा असर
टनल निर्माण का असर सिर्फ मकानों तक सीमित नहीं रहा है। संजौली-ढली बाईपास सड़क के किनारे भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से इस सड़क को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लापरवाही बरतने के आरोप
वहीं प्रभावित परिवारों ने एनएचएआई पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी निर्माण कार्य से हो रहे नुकसान की शिकायतें दी थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग से उनके घरों की हालत खराब हो गई और अब जान का खतरा पैदा हो गया है।
प्रभावितों को दिया जाएगा मुआवजा
इस बीच उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने नुकसान के आकलन के लिए एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
जांच के आदेश
उपायुक्त ने बताया कि फिलहाल फोरलेन निर्माण कार्य को पूरी तरह से रोक दिया गया है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि स्टेट जियोलॉजिस्ट को नुकसान के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं और वह भी अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंपेंगे। शनिवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप ने स्वयं चलौंठी पहुंचकर प्रभावित घरों का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
रिपोर्ट- यूके शर्मा





