
फरीदाबाद में प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने पर CPWD का ऑफिस सील, अन्य सरकारी विभागों को नोटिस जारी
फरीदाबाद नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स बकाया वसूली के अभियान को सख्ती से लागू करते हुए अब सरकारी विभागों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम ने एनआईटी-4 स्थित केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के ऑफिस को सील कर दिया।
फरीदाबाद नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स बकाया वसूली के अभियान को सख्ती से लागू करते हुए अब सरकारी विभागों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम ने एनआईटी-4 स्थित केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के ऑफिस को सील कर दिया। साथ ही अन्य सरकारी विभागों को नोटिस जारी कर बकाया टैक्स जल्द भरने के आदेश दिए गए हैं।

नगर निगम की कार्रवाई के बाद एनआईटी-4 स्थित केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) का कार्यालय शुक्रवार को पूरे दिन सील रहा, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित रहे। दफ्तर में आने वाले लोगों को बैरंग लौटना पड़ा और कई जरूरी फाइलों व सार्वजनिक परियोजनाओं से जुड़े कार्य अटक गए। अधिकारियों के प्रवेश न कर पाने से सामान्य प्रशासनिक कामकाज बाधित रहा, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर असुविधा बढ़ गई।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर के विभिन्न सरकारी विभागों पर 50 करोड़ रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
निगम अधिकारियों का कहना कि बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद संबंधित विभाग टैक्स जमा नहीं कर रहे थे। निगम की ओर से यह भी बताया गया कि कई विभाग सिर्फ इतना जवाब देते रहे कि मामले की सूचना उनके उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इससे निगम के राजस्व पर सीधा असर पड़ा है और निगम आर्थिक संकट से गुजर रहा है।
सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग पर ही करीब 15 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है, जबकि पर्यटन विभाग पर भी पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया बताई जा रही है। नगर निगम का कहना है कि अब ऐसे विभागों को सिर्फ नोटिस भेजने की औपचारिकता नहीं निभाई जाएगी, बल्कि सीधे सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि निगम ने 30 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की है, जिसमें कई सरकारी विभाग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अलग-अलग जोन के जोन टैक्स ऑफिसर (जेडटीओ) को निर्देश दे दिए गए हैं कि अब नोटिस देकर इंतजार करने की बजाय तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निगम के पास अब इंतजार करने का विकल्प नहीं है और हर बड़े बकायेदार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। खड़गटा ने कहा कि टैक्स किसी भी शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। जब सरकारी विभाग ही टैक्स जमा नहीं करेंगे तो आम जनता के सामने गलत संदेश जाता है। नगर निगम को शहर की सफाई, सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट और अन्य सेवाओं के लिए भारी खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में टैक्स वसूली समय पर होना बेहद जरूरी है। आने वाले दिनों में और भी सरकारी एवं निजी संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है।



