स्पोर्ट्स सिटी में 20000 फ्लैट बनने की आस जगी, बिल्डर ने नोएडा प्राधिकरण को सौंपा नया लेआउट प्लान
नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी के सेक्टर-150 स्थित बड़े भूखंड पर करीब 20 हजार फ्लैट बनने की आस जगी है। बिल्डर ने इस भूखंड का संशोधित लेआउट प्लान सोमवार को नोएडा प्राधिकरण को सौंप दिया। अब नोएडा प्राधिकरण इस प्लान का परीक्षण करेगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।

नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी के सेक्टर-150 स्थित बड़े भूखंड पर करीब 20 हजार फ्लैट बनने की आस जगी है। बिल्डर ने इस भूखंड का संशोधित लेआउट प्लान सोमवार को नोएडा प्राधिकरण को सौंप दिया। अब नोएडा प्राधिकरण इस प्लान का परीक्षण करेगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि यह लेआउट प्लान सेक्टर-150 के भूखंड संख्या-2 को लेकर दिया गया है। प्लान का परीक्षण किया जाएगा। शर्तों के तहत अगर खेल सुविधाएं विकसित करने समेत अन्य चीजें पूरी होंगी, तभी इसे मंजूरी दी जाएगी। उम्मीद है कि अगले 10-15 दिन में इस प्लान का परीक्षण कर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि यह भूखंड प्राधिकरण ने लोटस ग्रीन बिल्डर को आवंटित किया था। यह भूखंड करीब 13 लाख 29 हजार वर्ग मीटर का है। इस बिल्डर ने इस भूखंड को आगे छोटे-छोटे 24 बिल्डरों को बेच दिया। अब इसमें ग्रुप हाउसिंग की 24 परियोजनाएं आनी प्रस्तावित हैं। लेआउट प्लान मंजूर होने के बाद 24 बिल्डर अलग-अलग अपनी परियोजनाओं को लेकर प्लान प्राधिकरण को देंगे।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अभी इस भूखंड की आठ परियोजनाओं में पांच हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। इनके अलावा नौ हजार फ्लैट बनाने के लिए अलग-अलग टावर का ढांचा खड़ा हो चुका है। बाकी खाली पड़ी जमीन पर भी करीब 11 हजार फ्लैट बनाए जाने का अनुमान है। हालांकि, एफएआर की मंजूरी देते समय फ्लैटों की सही संख्या सामने आ पाएगी।
बाकी परियोजनाओं में भी रजिस्ट्री की उम्मीद
कोर्ट के आदेश पर सिर्फ सेक्टर-150 के भूखंड संख्या-2 से रोक हटाई गई है। इससे स्पोर्ट्स सिटी की अन्य सेक्टरों में स्थित परियोजनाओं में रहने वालों के लिए भी रजिस्ट्री की उम्मीद जग गई है। शहर में सेक्टर-78, 79, 150 और 152 में स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाए हैं। इनमें से कुछ परियोजनाओं में खेल सुविधाएं विकसित हो रखी हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश जगह खानापूर्ति करते हुए खेल सुविधाएं तैयार की गई हैं।
प्राधिकरण की शर्तों का पालन करना मुश्किल
वर्ष 2021 के जनवरी में हुई बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े किसी भी काम को मंजूर करने पर रोक लगा दी गई थी। इससे परियोजनाओं में निर्माण कार्य अटक गया और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री भी फंस गई। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्राधिकरण ने एक भूखंड से रोक हटाई है। खास बात यह है कि बिल्डरों के लिए शर्तों का पालन करना मुश्किल होगा। बिल्डरों को 70 प्रतिशत हिस्से में खेल सुविधाएं विकसित करनी होंगी, जबकि अधिकांश बिल्डरों ने खेल सुविधाओं वाले स्थान पर टावर खड़े कर दिए हैं। अब इसका समाधान निकालना अफसरों के लिए भी आसान नहीं होगा।





