फिर भी इनकी मूर्खता खत्म होती नहीं दिखती; BSP समर्थकों पर क्यों भड़के कांग्रेस के दलित नेता
अपनी पोस्ट में कांग्रेस नेता ने लिखा, ‘BSP के अंधभक्त अब भी इस पर विश्वास नहीं करेंगे। आरक्षण और संविधान खत्म होने पर हैं, फिर भी इनकी मूर्खता खत्म होती नहीं दिखती। यह अंधभक्ति उन्हें नरक में ढकेल देगी।’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद व असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदित राज ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज पोस्ट की, जिसके जरिए उन्होंने BSP (बहुजन समाज पार्टी) पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए आरोप लगाया कि इस पार्टी का पूरा नियंत्रण भाजपा के हाथों में जा चुका है। अपनी पोस्ट को उन्होंने BSP के अंधभक्तों (समर्थकों) के लिए बताते हुए कहा कि वह जो किस्सा बताने जा रहे हैं, उसे सुनने के बाद भी पार्टी के समर्थकों को अक्ल नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि इस किस्से को उन्होंने देश के जाने-माने पत्रकारों अशोक वानखेड़े और आशीष चित्रांशी से जाना और सुना है।
उदित राज ने जो किस्सा बताया उसके मुख्य किरदार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, उनके बेटे अमित जोगी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वर्तमान वन मंत्री भूपेंद्र यादव और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती हैं। वह किस्सा बताते हुए अपनी पोस्ट में उदित राज ने लिखा कि कांग्रेस छोड़ने और अपनी अलग पार्टी बनाने के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी अपने बेटे अमित जोगी के साथ अमित शाह से मिलने के लिए दिल्ली आते थे। उन्होंने बताया कि वे इस उम्मीद में दिल्ली आते थे कि भाजपा उनके साथ कोई समझौता कर लेगी।
'अमित शाह ने जोगी को मायावती से मिलने भेज दिया'
पूर्व IRS अधिकारी ने आगे लिखा, ‘अमित शाह ने जोगी के साथ कोई समझौता करने की बजाय भूपेंद्र यादव को अपने पास बुलाया और उन्हें अमित जोगी से बात करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद भाजपा नेता यादव, अमित जोगी को अपनी गाड़ी में बैठाते हैं, और मायावती के घर ले जाते हैं। वहां पहुंचकर भूपेंद्र यादव ने मायावती को संदेश देते हुए बताया कि साहब ने कहा है कि अजीत जोगी की पार्टी से छत्तीसगढ़ में समझौता कर लें।’
उदित राज बोले- बीएसपी पर पूरा कंट्रोल बीजेपी का
उदित राज के अनुसार BSP अध्यक्ष ने इसके लिए तुरंत हामी भर दी, क्योंकि इसका जवाब तो ‘हां’ ही होना था। इसके बाद उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए लिखा कि 'इस तरह से बीएसपी को पूरी तरह से भाजपा कंट्रोल कर रही है ।'
आगे की कहानी बताते हुए उदित राज ने बताया कि 'हालांकि वापसी में, अजीत जोगी यह कहते हुए पीछे हट जाते हैं, कि BSP अपने उम्मीदवारों के लड़ने के लिए पैसे की मांग भी उनसे ही करेगी और इसके साथ ही अपनी पार्टी से अपने ही उम्मीदवार खड़ा करने का दबाव भी डालेगी।' कांग्रेस नेता ने कहा कि 'इस तरह रास्ते में ही गठबंधन की मौत हो जाती है। यह बात अमित जोगी ने वानखड़े जी को बताई थी।'
‘BSP के अंधभक्त अब भी विश्वास नहीं करेंगे’
अपनी पोस्ट के अंत में बहुजन समाज पार्टी के समर्थकों की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठाते हुए पूर्व सांसद ने लिखा, 'बीएसपी के अंधभक्त अभी भी विश्वास नहीं करेंगे। आरक्षण और संविधान खत्म होने पर हैं, फिर भी इनकी मूर्खता खत्म होती नहीं दिखती। ये फिर से मजदूर बन जाएंगे और पहले जैसी पिटाई होगी, लेकिन अक्ल नहीं आएगी। यह भक्ति इन्हें नर्क में ढकेलेगी । अंधभक्त किसी का भी हो उनकी दुर्गति कितनी भी हो जाए, लेकिन वे सुधरेंगे नहीं।'
हालांकि अपनी पोस्ट में उदित राज ने यह नहीं बताया कि उनके द्वारा बताया गया यह किस्सा कौन से साल का है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आखिरकार अजीत जोगी ने बसपा के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया था। लेकिन एक सच यह भी है कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जोगी की पार्टी JCC (जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़) ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। इस दौरान जोगी की पार्टी 55 सीटों पर और बीएसपी 35 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। हालांकि इस गठबंधन को कुछ खास सफलता नहीं मिली थी, क्योंकि दोनों पार्टियां मिलकर 90 में से कुल7 सीट ही जीत सकी थीं।
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