कांग्रेस ने मीम बनाकर केजरीवाल के आंसुओं का मजाक उड़ाया, राहुल गांधी को शेर बताया
आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा आरोप मुक्त किए जाने के बाद फूट-फूट कर रो पड़े। उनकी आंसुओं पर कांग्रेस ने मीम्स बनाकर उनका मजाक उड़ाया। कांग्रेस ने राहुल गांधी को शेर बताते हुए कहा कि उन पर 32 मामले दर्ज हैं जबकि केजरीवाल पर सिर्फ एक मामला।

आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा आरोप मुक्त किए जाने के बाद फूट-फूट कर रो पड़े। उनकी आंसुओं पर कांग्रेस ने मीम्स बनाकर उनका मजाक उड़ाया। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने राहुल गांधी को शेर बताते हुए कहा कि उन पर 32 मामले दर्ज हैं जबकि अरविंद केजरीवाल पर सिर्फ एक मामला।
झूठे आरोप, झूठा मसीहा, खोखला लोकपाल
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने पूछा कि क्या केजरीवाल के आंसुओं में आप की शुरुआत के समय लगाए गए आरोपों के लिए थोड़ा पछतावा भी झलक रहा है? सप्पल ने एक्स पर लिखा कि झूठे आरोप, झूठा मसीहा, खोखला लोकपाल- ये सब उनके द्वारा रचे गए नाटक का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का शुरुआती राजनीतिक करियर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और दिवंगत दिल्ली मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को निशाना बनाकर बना था।
कांग्रेस ने पुराने रिकॉर्ड पर सवाल उठाए
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने तो और भी तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली सीबीआई ने जानबूझकर अपना मामला कमजोर किया होगा। खेड़ा ने एक्स पर लिखा कि यह भाजपा की रणनीति है। प्रतिशोध को शासन का नाम देना और एजेंसियों को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करना। खेड़ा ने इसे गुजरात और पंजाब चुनावों से जोड़ा। उन्होंने बताया कि हाल ही में ईडी ने तमिलनाडु चुनावों से पहले एयरसेल मैक्सिस और आईएनएक्स मीडिया मामलों में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के खिलाफ कार्यवाही में तेजी लाने का कदम उठाया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने मजाक उड़ाया
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केजरीवाल के भावुक होने पर उनका मजाक उड़ाया। उन्होंने इंटरनेट पर एक मीम शेयर किया जिसमें आम आदमी पार्टी के नेता को रोते हुए दिखाया गया है और साथ में साउंड इफेक्ट्स भी जोड़े गए हैं। श्रीनेत ने राहुल गांधी को शेर कहा, क्योंकि कथित तौर पर उन पर 32 मामले दर्ज हैं जबकि केजरीवाल पर सिर्फ एक मामला।
आप प्रमुख ने वाड्रा का मुद्दा उठाकर पलटवार किया
केजरीवाल ने कांग्रेस की टिप्पणियों पर पलटवार किया। केजरीवाल ने कहा, मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं- केजरीवाल जेल गए, क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गए? आप नेता संजय सिंह जेल गए। क्या राहुल गांधी जेल गए? कांग्रेस क्या कह रही है? क्या उसे शर्म नहीं आती? राउज एवेन्यू कोर्ट से आरोप मुक्त होने के कुछ घंटों बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बात कही। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा पर भाजपा वर्षों से भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। उनसे पूछताछ तो हुई है, लेकिन अभी तक उन्हें जेल नहीं हुई है।
खींचतान के केंद्र में पंजाब
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने 'इंडिया ब्लॉक' के तहत कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, लेकिन उसके बाद से राष्ट्रीय विपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रति उसका रवैया ठंडा रहा है। पंजाब और अन्य जगहों पर दोनों पार्टियों का एक-दूसरे के विरोधी होना इसका एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस राजनीतिक खींचतान के केंद्र में पंजाब भी मौजूद है। राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं और भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी सरकार के सामने कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


