
जेवर एयरपोर्ट के सभी काम और लाइसेंस प्रक्रिया 5 दिसंबर तक पूरे करें : CM योगी आदित्यनाथ का आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने गुरुवार को जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट पर बचे सभी कार्य और लाइसेंस प्रक्रिया 5 दिसंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने गुरुवार को जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट पर बचे सभी कार्य और लाइसेंस प्रक्रिया 5 दिसंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने एयरपोर्ट के निर्माण में जुटे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) के अधिकारियों को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बकास) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सुरक्षा संबंधित आपत्तियों को दो दिसंबर तक निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
बकास और सीआईएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि दो दिन पूर्व हुई जांच के दौरान सुरक्षा इंतजामों में कुछ खामी मिली हैं। इन्हें दूर करने और पुन: जांच के बाद 2 दिसंबर तक रिपोर्ट डीजीसीए को सौंप दी जाएगी।
डीजीसीए के अधिकारियों ने ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की रिपोर्ट मिलने पर 4 दिसंबर तक एयरोड्रोम लाइसेंस जारी करने पर सहमति दी। एयरपोर्ट के उद्घाटन की संभावित तारीखों पर भी चर्चा हुई। 7 दिसंबर या दिसंबर के दूसरे सप्ताह में उद्घाटन करने की संभावना जताई गई।
एक रनवे के साथ शुरू होगा एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के समय एक रनवे के साथ इसका संचालन किया जाएगा। इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर इस एयरपोर्ट में कुल पांच रनवे होंगे। इससे यह विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट में शामिल हो जाएगा।
उद्घाटन का समय नजदीक होने के कारण एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सड़कों के निर्माण के साथ मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए जाने पर जोर है। इसके लिए यमुना प्राधिकरण के सीईओ ने सभी विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा दिए गए हैं। नोएडा एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में विकसित किया गया है। प्रथम चरण के तहत 3900 मीटर रनवे, एक लाख वर्गमीटर में टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर, विमानों के टर्मिनल तक पहुंचने के लिए टैक्सी-वे समेत अधिकांश काम पूरे हो चुके हैं। सुरक्षा से जुड़े उपकरणों की जांच पूरी हो गई है।
योजना के तहत नोएडा एयरपोर्ट का विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा। भविष्य में प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट में शामिल कर देगा। तब इसके पांच रनवे शुरू होंगे। नोएडा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है। एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो, इसके लिए सड़कों का निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है।
‘उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बढ़ रहीं’
इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-50 में बने मेदांता अस्पताल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 8 साल पहले उत्तर प्रदेश की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया के रूप में होती थी। अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज के रूप में है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने हर जिले में बेहतर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के लिए काम किया। इसके लिए सहूलियतें दीं। प्रत्येक गरीब व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने का अधिकार है। इसकी गारंटी डबल इंजन की सरकार ने दी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत मुख्यमंत्री राहत कोष से एक साल में 1300 करोड़ रुपये मरीजों के इलाज के लिए खर्च किए गए। यह निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से अस्पताल शुरू करने में कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
फाजिलनगर का नाम पावा नगरी
वहीं, मुख्यमंत्री ने गुरुवार को गाजियाबाद जिले के मुरादनगर स्थित श्री तरुणसागराम् पारसनाथ अतिशय तीर्थ धाम में सौ दिन में निर्मित गुफा मंदिर का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कुशीनगर के फाजिलनगर का नाम बदलकर ‘पावा नगरी’ करने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन समाज की आस्था के अनुरूप हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नामकरण ‘पावा नगरी’ करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। पावा वह पवित्र स्थल है, जहां भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण हुआ था। इसलिए क्षेत्र की पहचान को उसके आध्यात्मिक महत्व के अनुरूप सम्मान देना जरूरी है।
प्रसन्नसागर महाराज ने कहा कि भारत की परंपरा त्याग, तप और साधना की भूमि रही है। राजनीति में सनातन धर्म की सहभागिता यह दर्शाती है कि राष्ट्र आज आध्यात्मिक मूल्यों पर आगे बढ़ रहा है।





