अब माफी का वक्त गुजर चुका; स्वरा भास्कर के खिलाफ SC की वकील ने दिल्ली के साइबर थाने में की शिकायत
महिला वकील ने कहा कि आरोपी को फिल्म के विषय-वस्तु की पूरी जानकारी थी। उन्होंने पहले 'पद्मावत' देखी थी और साल 2018 में फिल्म के संबंध में एक खुला पत्र भी लिखा था। इसलिए, उनकी टिप्पणियों को उस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ की अज्ञानता के कारण नहीं माना जा सकता जिसमें वह दृश्य दिखाया गया था।
फिल्म अभिनेत्र स्वरा भास्कर ने हाल ही में दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म 'पद्मावत' के एक सीन का जिक्र करते हुए 'जौहर' प्रथा पर आपत्ति जताई थी और इसे करने वाली महिलाओं को कायर बताया था। हालांकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई देते हुए इस विवाद को अनुवाद की गलती की उपज बताया था, लेकिन तब तक पूरे देश में उनके बयान पर गुस्सा भड़क चुका था। अब इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की एक महिला वकील ने दिल्ली के एक थाने में शिकायत दी है और स्वरा के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। हालांकि फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।
साकेत साइबर पुलिस के SHO को दी अपनी शिकायत में अमिता सचदेव नाम की इस महिला वकील ने स्वरा भास्कर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की और कहा कि स्वरा ने 31 अगस्त को रानी पद्मावती और चित्तौड़ की हिंदू महिलाओं के बारे में सार्वजनिक टिप्पणी की थी, जो कि उनके बलिदान का जानबूझकर अपमान करने और धार्मिक व सामुदायिक भावनाओं को आहत करने के समान है।
वकील बोलीं- स्वरा ने सबकुछ पता होने के बाद यह किया
पुलिस को दी अपनी शिकायत में महिला वकील ने कहा, 'मैं अमिता सचदेवा, एक प्रैक्टिसिंग वकील और सनातन धर्म की अनुयायी हूं और सुश्री स्वरा भास्कर के खिलाफ यह शिकायत दर्ज करा रही हूं। यह शिकायत 31 अगस्त के आसपास उनके द्वारा रानी पद्मावती और चित्तौड़ की उन हिंदू महिलाओं के बारे में की गई कुछ सार्वजनिक टिप्पणियों के संबंध में है, जिन्होंने जौहर किया था।' अमिता ने बताया कि स्वरा ने सबकुछ जानते-बुझते ऐसा किया और इसे उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ की अज्ञानता नहीं माना जा सकता।
चार पॉइंट में बताए शिकायत से जुड़े तथ्य
1. 31 अगस्त को, आरोपी ने नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया, जहां उन्होंने फिल्म 'पद्मावत' में दिखाए गए जौहर के दृश्य के बारे में टिप्पणी की। उक्त भाषण की रिकॉर्डिंग की गई थी और बाद में इसे X सहित सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया।
2. मैंने 2 सितम्बर को अपने आवास पर उक्त वीडियो देखा, और मेरा घर इसी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में वीडियो और उसमें दिए गए बयान इस पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में ऑनलाइन भी देखे जा सकते हैं।
3. 'पद्मावत' में जौहर के दृश्य में दिखाया गया है कि रानी पद्मावती और चित्तौड़ की महिलाओं ने अलाउद्दीन खिलजी की आक्रमणकारी सेनाओं के हाथों पड़ने और पकड़े जाने, गुलाम बनाए जाने और अपमानित होने के बजाय मृत्यु को चुना था।
4. आरोपी को फिल्म के विषय-वस्तु की पूरी जानकारी थी। उन्होंने पहले 'पद्मावत' देखी थी और वास्तव में, 2018 में फिल्म के संबंध में एक खुला पत्र भी लिखा था। इसलिए, उनकी टिप्पणियों को उस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ की अज्ञानता के कारण नहीं माना जा सकता जिसमें वह दृश्य दिखाया गया था।
'माफी मांगने से किया इनकार, अब कानूनी कार्रवाई जरूरी'
वहीं पुलिस को दिए अपने शिकायती आवेदन को गुरुवार को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अमिता सचदेव ने लिखा, 'जब माफी मांगने से इनकार कर दिया गया, तो कानूनी कार्रवाई जरूरी हो गई। सुश्री स्वरा भास्कर को रानी पद्मावती और चित्तौड़ की महिलाओं के बारे में अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगने का मौका दिया गया था, लेकिन उन्होंने माफी मांगने के बजाय अपनी बात पर अड़े रहने और बहाने बनाने का रास्ता चुना। इसलिए, मैंने आज दिल्ली की साइबर पुलिस के पास एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है और कानून के मुताबिक उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।'
वकील बोलीं- सोशल मीडिया पर बहस जारी रखने का कोई कारण नहीं
आगे अमिता ने लिखा, 'यह मुद्दा किसी फिल्म की आलोचना करने या रेप सर्वाइवर्स (बलात्कार पीड़ितों) पर अपनी राय रखने का नहीं है। मुद्दा यह है कि रानी पद्मावती और चित्तौड़ की महिलाओं के बलिदान का जिक्र किस तरह से किया गया और उसे कैसे दिखाया गया। जब माफी मांगने से इनकार कर दिया गया, तो सोशल मीडिया पर बहस जारी रखने का कोई कारण नहीं था। अब यह मामला कानून के दायरे में है।'
पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, 'मैं इस शिकायत को आगे बढ़ाऊंगी और इसे इसके तार्किक अंजाम तक ले जाऊंगी, जैसा कि हमेशा भगवान श्री कृष्ण की कृपा और आशीर्वाद से करती आई हूं।'
एक दिन पहले स्वरा भास्कर को दी थी चेतावनी
इससे एक दिन पहले अमिता सचदेव ने स्वरा भास्कर को अपने बयान के लिए माफी मांगने की नसीहत देते हुए सोशल मीडिया पर शेयर की अपनी पोस्ट में लिखा था, 'स्वरा भास्कर, तुरंत माफी मांगिए। यह कोई गुजारिश नहीं है। हम सिर्फ बातें नहीं करते, हम करके दिखाते हैं। क्योंकि इसके बाद कानूनी कार्रवाई होगी।'
वकील बोलीं- आपने जानबूझकर दिया था वह बयान
सचदेव ने कहा था, 'आपको अच्छी तरह पता था कि फिल्म 'पद्मावत' किस बारे में थी। आपको पता था कि इसमें रानी पद्मावती और चित्तौड़ की उन महिलाओं की बहादुरी और बलिदान को दिखाया गया है, जिन्होंने पकड़े जाने और बेइज्जत होने के बजाय जौहर को चुना था। आप यह जानती थीं, लेकिन फिर भी आपने वह बयान दिया। वह कोई भ्रम नहीं था, बल्कि एक सोच-समझकर लिया गया फैसला था।' दरअसल सचदेव ने यह प्रतिक्रिया स्वरा के उस वीडियो के जवाब में दी, जिसमें उन्होंने इस विवाद की जड़ गलत अनुवाद निकालने को बताया था।
'लोगों की समझ का मजाक मत उड़ाइए स्वरा'
इसके आगे स्वरा पर गलत अनुवाद की आड़ में छिपने और लोगों की समझ का मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए अमिता ने कहा था, 'अब, माफी मांगने के बजाय, आप 'गलत अनुवाद' का झूठा बहाना बना रही हैं। लोगों ने आपको सुना है। क्लिप सबके सामने है। आपने रानी पद्मावती के पवित्र बलिदान का इस्तेमाल बातचीत के लिए किया और फिर ऐसा दिखावा किया जैसे बात सिर्फ रेप सर्वाइवर्स (बलात्कार से बची महिलाओं) के बारे में हो रही थी। लोगों की समझ का मजाक मत उड़ाइए।'
'पद्मावती का नाम लिए बिना भी कह सकती थीं अपनी बात'
इसके आगे अमिता सचदेव ने लिखा था, 'अगर आपकी बात सिर्फ यह थी कि सर्वाइवर्स को जीने का हक है, तो आप रानी पद्मावती का नाम और उनके जौहर का जिक्र किए बिना भी यह कह सकती थीं। आपने ऐसा नहीं किया। बहाने बनाना बंद कीजिए। रानी पद्मावती, आग में कूदने वाली महिलाओं और जिनके इतिहास को आपने इतनी हल्के में लिया, उन सभी से सम्मान के साथ माफी मांगिए। हम सिर्फ कहते नहीं हैं। हम करके दिखाएंगे। माफी मांगिए, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहिए।'
पद्मावत के दृश्य को बताया था आपत्तिजनक
इससे पहले 31 अगस्त को हुए कार्यक्रम में स्वरा भास्कर ने फिल्म 'पद्मावत' में 'जौहर' के चित्रण की आलोचना की थी और फिल्म के अंतिम दृश्य से दिए जाने वाले संदेश पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, 'मैं यह फिल्म देख रही थी और मैंने सोचा कि अगर भगवान न करे- मैं दुष्कर्म पीड़िता होती, तो यह फिल्म मुझे क्या बता रही है? मुझे कायर जैसा महसूस होता कि मैंने अपनी इज्जत बचाने के लिए आत्महत्या नहीं की... क्या हम यह कह रहे हैं कि दुष्कर्म का मतलब किसी औरत की जिंदगी का अंत है? यह दृश्य बहुत ही आपत्तिजनक था।'


