दिल्ली की 91 कॉलोनियों पर बुलडोजर ऐक्शन लेगी सरकार? कोर्ट ने तो कह दिया- इनका रहना मंजूर नहीं

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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इन कॉलोनियों में करीब 5-6 लाख लोग रहते हैं। केंद्र सरकार ने दिसंबर 2026 तक इनके खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। अब एक बार फिर हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है।

दिल्ली की 91 कॉलोनियों पर बुलडोजर ऐक्शन लेगी सरकार? कोर्ट ने तो कह दिया- इनका रहना मंजूर नहीं

यमुना किनारे बसीं दिल्ली की 91 कॉलोनियों पर बुलडोजर चलेगा या फिर केंद्र की भाजपा सरकार इन्हें बचाएगी? यह सवाल दिल्ली हाई कोर्ट के उस रुख के बाद खड़ा हुआ जिसमें इन कॉलोनियों को 'एकदम अस्वीकार्य' बताते हुए सरकार से जवाब मांगा गया है। यमुना के डूबक्षेत्र में बसी इन कॉलोनियों में वर्षों से लाखों लोग रहते हैं। पहले केंद्र सरकार ने इन कॉलोनियों को तोड़ने पर 31 दिसंबर 2026 तक की रोक लगा दी थी। एक तरफ जहां यह समयसीमा नजदीक है तो दूसरी तरफ अदालत के सवाल के बाद यह सरकार को जल्द ही अपना इरादा जाहिर करना होगा।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि 'जोन O' में कोई भी आवासीय कॉलोनी बिल्कुल मंजूर नहीं है, क्योंकि यह यमुना का डूब क्षेत्र है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और मनमीत पीएस अरोड़ा ने हाल के आदेश में कहा, 'इस अदालत का मानना है कि जोन 0 में किसी भी आवासीय कॉलोनी का अस्तित्व एकदम अस्वीकार्य है और पर्यावरण के अलावा नदी तल क्षेत्र के लिए भी अनुकूल नहीं होगा।'

31 दिसंबर 2026 तक के लिए लगी थी रोक

अदालत ने केंद्र सरकार के शहरी विकास और आवास मंत्रालय को तुरंत उस संरक्षण पर फैसला लेने को कहा है, जिसके तहत इन 91 कॉलोनियों पर बुलडोजर ऐक्शन को 31 दिसंबर 2026 तक रोक दिया गया था। हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने कहा, 'मंत्रालय को सभी विभागों और हितधारकों से विचार-विर्मश करके हलफनामा दायर करना है।'

डीडीए और एमसीडी से भी जवाब तलब

अदालत ने डीडीए को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि 'जोन 0' में कहीं कोई नया निर्माण ना हो। हाई कोर्ट ने एमसीडी और डीडीए को 'ऐक्शन टेकन रिपोर्ट' (अब तक हुई कार्रवाई) पेश करते हुए यह बताने को कहा गया कि आगे अवैध निर्माण ना हो, इसे रोकने के लिए क्या किया गया और जो अवैध निर्माण चिह्नित हैं उन्हें हटाने के लिए क्या किया गया।

केंद्र सरकार ने अदालत में क्या कहा?

केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि दिल्ली सरकार समेत अन्य पक्षों और विभागों से बातचीत चल रही है। सरकार ने कहा कि जोन 0 में कॉलोनियां और कुछ गांव वर्षों से हैं, जिनमें 5-6 लाख लोग निवास करते हैं। इस हिसाब से करीब एक लाख घर होंगे। इसलिए इनके पुनर्वास पर विस्तृत कार्ययोजना बनाए जाने की जरूरत है। सरकार ने यह भी कहा कि इन कॉलोनियों को विशेष प्रावधानों के तहत संरक्षित किया गया है।

Sudhir Jha

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सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)


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