
दिल्ली में आज से और बढ़ेगा सर्दी का सितम, कोहरे संग बादल छाने के आसार; अगले 3 दिन कैसा रहेगा तापमान
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर तापमान गिरने के आसार हैं। शुक्रवार को हल्के कोहरे के साथ ही कई इलाकों में बादल छाने के आसार हैं। माैसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है।
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर तापमान गिरने के आसार हैं। शुक्रवार को हल्के कोहरे के साथ ही कई इलाकों में बादल छाने के आसार हैं। माैसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है।
शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ के कारण न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस गिरावट आने की संभावना है। अगले 24 घंटों के दौरान आसमान साफ रहेगा और इसके बाद के तीन दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। गुरुवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है और अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। दिल्ली के कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहा।
वहीं, अधिकतम तापमान सामान्य रहा। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिमी हवाएं चली।
दो दिन की राहत के बाद फिर प्रदूषण में बढ़ोतरी
पिछले दो दिन दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बहुत खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचा गया था, लेकिन गुरुवार की शाम एक बार फिर यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। दिन चढ़ने के साथ ही इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार शाम 4 बजे 40 वायु गुणवत्ता केंद्र पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 307 दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 288 दर्ज किया गया जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
भूपेंद्र यादव बोले- राजधानी में स्वच्छ दिनों की संख्या में इजाफा : केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने संसद में कहा कि दिल्ली में स्वच्छ दिनों (एक्यूआई 200 से नीचे) की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि 2016 में जहां ऐसे दिन 110 थे, वहीं 2025 में अब तक ऐसे 200 दिन दर्ज किए गए हैं। भूपेंद्र यादव ने कहा कि इस वर्ष जनवरी-नवंबर की अवधि के लिए दिल्ली का औसत एक्यूआई 2018 के 213 के मुकाबले 187 दर्ज किया गया है।
ठोस कदम उठाए सरकार: कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि वायु प्रदूषण की वजह से लोग परेशान हैं। इसलिए केंद्र और राज्य सरकार से बहाना बनाना बंद कर फौरन ठोस कदम उठाने चाहिए।





