एयरपोर्ट पर मिलें, फिर... अभिजीत लौट रहे भारत, कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन का ऐलान; जानें प्लान
Cockroach Janata Party: क्या कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में बड़ा आंदोलन करने जा रही है? क्या सोशल मीडिया की लड़ाई सड़कों पर उतरने वाली है। ऐसा अभिजीत दीपके के इंस्टाग्राम पोस्ट से पता चल रहा है।

Cockroach Janata Party: क्या कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में बड़ा आंदोलन करने जा रही है? क्या सोशल मीडिया की लड़ाई सड़कों पर उतरने वाली है? ऐसा अभिजीत दीपके के इंस्टाग्राम पोस्ट से पता चल रहा है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए अपने फॉलोअर्स से कहा- "6 जून को दिल्ली पहुंचने वाला हूं। कृपया हवाई अड्डे पर मुझसे मिलें और हम सब मिलक…" आखिर आगे का प्लान क्या है, जानिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ।
आंदोलन का ऐजेंडा और दीपके के भारत लौटने की कहानी
सबसे बड़ा सवाल है, आखिर अभिजीत दीपके के भारत आने और इस कथित आंदोलन के शुरू करने के पीछे क्या ऐजेंडा है? इसका जिक्र भी अभिजीत ने अपनी वीडियो में किया है। दरअसल, वह परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के संबंध में आंदोलन करने के लिए भारत आ रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का मुद्दा मुखरता से उठाया जाएगा। इसके लिए ही कॉकरोच जनता पार्टी सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की शुरुआत करने के लिए अनुमति मांगेगी। इसी आंदोलन को नेतृत्व देने के लिए अभिजीत दीपके छह जून को भारत लौट रहे हैं।
अब समय आ गया है कि हम…
अभिजीत फिलहाल अमेरिका में रह रहे हैं। उन्होंने 'इंस्टाग्राम' पर जारी एक वीडियो में समर्थकों और छात्रों से दिल्ली में उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है।उन्होंने कहा, ''अब समय आ गया है कि हम सभी भारत के संविधान के मार्ग पर चलते हुए एकजुट हों और शांतिपूर्वक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करें। अगर हम सब मिलकर आवाज उठाएंगे तो उन्हें हमारी बात जरूर सुननी पड़ेगी।''
6 जून को मांगेगे प्रदर्शन की परमीशन
दीपके ने समर्थकों से छह जून को हवाई अड्डे पर उनसे मिलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ''मैंने फैसला किया है कि मैं शनिवार, छह जून की सुबह दिल्ली पहुंचूंगा। कृपया हवाई अड्डे पर मुझसे मिलें और हम सब मिलकर संसद मार्ग थाने जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे।''
वीडियो में दीपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी विवादों और व्यवधानों ने छात्रों को चिंतित कर दिया है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग भी की। दीपके ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नाम से एक युवा केंद्रित सोशल मीडिया आंदोलन की शुरुआत की है जिसने अपने अस्तित्व में आने के साथ ही लोकप्रियता हासिल की है और कई सार्वजनिक हस्तियों ने इसका समर्थन किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी की क्या है कहानी
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की युवाओं और "कॉकरोच" संबंधी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नाम का व्यंग्यात्मक अभियान चर्चा में आ गया। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं। CJP की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से लोकप्रियता बढ़ी है।
इंस्टाग्राम पर इसके 40 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जबकि लाखों लोग इससे जुड़ने में रुचि दिखा चुके हैं। दीपके का कहना है कि उन्होंने यह अभियान जस्टिस सूर्यकांत की कथित टिप्पणी के विरोध में शुरू किया, क्योंकि उनके अनुसार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का मूल अधिकार है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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