लंबे-चौड़े वादे मत करिए; सौरभ दास ने अरविंद केजरीवाल से क्या सबक ली
सीजेपी के नेता क्यों चुनावी राजनीति में उतरने को लेकर कभी साफ जवाब नहीं देते हैं? सह संयोजक सौरभ दास ने अब इसकी वजह बताते हुए केजरीवाल वाले आंदोलन की ओर इशारा किया और कहा कि उससे ही सबक मिली है।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं से बार-बार यह सवाल किया जा रहा है कि वे भविष्य में चुनावी राजनीति में आएंगे या नहीं? लेकिन वे'हां या ना' में दो टूक जवाब देने की बजाय गोलमोल उत्तर देते हैं। उनके जवाब में हां भी होता है और ना भी, फिर फैसला यह कहकर भविष्य पर छोड़ दिया जाता है कि 'अभी हम प्रेशर ग्रुप बनकर रहना चाहते हैं, राजनीति खराब नहीं है, देखा जाएगा जो होगा।' अब सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास ने एक इंटरव्यू में इसकी वजह बताते हुए इशारा किया कि अरविंद केजरीवाल की अगुआई में हुए 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' के आंदोलन से सबक लेकर वह भविष्य की बातों को लेकर अभी दावे और लंबे चौड़े वादे नहीं करना चाहते।
गौतरलब है कि अरविंद केजरीवाल से जब आंदोलन के दौरान भविष्य में राजनीति में उतरने को लेकर सवाल किया जाता था, वह वह कहते थे कि जीवन में कभी राजनीति में नहीं आएंगे और चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन चंद महीनों बाद ही यूटर्न लेकर उन्होंने आम आदमी पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया था। भाजपा और कांग्रेस से गठबंधन ना करने, बड़ा सरकारी आवास और सुरक्षा नहीं लेने के वादों से भी उन्हें समय के साथ पीछे हटना पड़ा था, जिसको लेकर अब विपक्षी दल उनकी घेराबंदी करते हैं।
केजरीवाल के आंदोलन से ली सबक
अब जब अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास जैसे सीजेपी नेताओं से चुनावी राजनीति को लेकर सवाल किए जाते हैं तो वह सभी विकल्पों को खुला रखते हुए फिलहाल प्रेशर ग्रुप की तरह काम करने की इच्छा जाहिर करते हैं। सौरभ दास ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में इसकी वजह भी बताई और कहा कि इंडिया अंगेस्ट करप्शन के आंदोलन से यह सबक मिली है। उन्होंने कहा, 'नेवर से नेवर इन लाइफ (कभी मत कहिए जिंदगी में कभी नहीं)। 2011, 12 और 13 में जो मूवमेंट हुआ था आईएसी का उससे यदि किसी को सीख मिली है तो यह है कि लंबे चौड़े वादे मत किया करिए। भविष्य में क्या होना है क्या नहीं होना है उसे घोषणा वर्तमान में ही मत करिए। इस हिसाब से बढ़िए कि जिंदगी एक समुद्र की तरह है। इसमें अलग-अलग तरह की लहरें आती रहती हैं। हमें उसी तरह जाना है जिस तरह की लहरें हों।'
हम चाहते हैं अच्छे लोग राजनीति में जाएं और विधायक-सांसद बनें: सौरभ दास
सौरभ दास ने यह जवाब उनकी सहयोगी रत्ना सिंह की ओर से राजनीति को लेकर दिए गए उत्तर के बाद दिया। रत्ना ने भी सीजेपी के अन्य नेताओं की तरह विकल्पों को खुला रखते हुए कहा कि वह वर्तमान में जीती हैं और भविष्य को लेकर अधिक विचार नहीं करती हैं। सोनम वांगचुक की ओर से की गई टिप्पणी को लेकर पूछे जाने पर दास ने कहा कि उन्होंने तारीफ की है और कहा है कि राजनीतिक महात्वाकांक्षा भी हो सकती है। उन्होंने कहा, '10 साल बाद 15 साल बाद यदि किसी की राजनीतिक महात्वाकांक्षा हो जाए तो ऐसा नहीं लगना चाहिए ना कि सोनम वांगचुक या सौरभ दास ने झूठ बोला। हम तो चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा युवा जाएं राजनीति में। हम तो चाहते हैं कि अच्छे लोगों को पुश करें कि जाइए राजनीति में। विधायक-सांसद बनिए। सिस्टम को अंदर से भी साफ करिए।'


