शर्म आनी चाहिए, 15 अगस्त को नौटंकी मत करना; भीड़ नहीं आई तो भड़की CJP
जंतर-मंतर पर भीड़ नहीं जुटने से निराश कॉकरोच जनता पार्टी ने अब दिल्लीवालों के लिए कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया है। प्रवक्ता विजेता दहिया ने कहा कि जो लोग 24 दिन में नहीं आए, उन्हें शर्म आनी चाहिए।

20 जून से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भीड़ नहीं जुट पाने की वजह से निराश है। सोशल मीडिया पर चार दिन में ही भाजपा और कांग्रेस से अधिक फॉलोअर्स जुटाकर सीजेपी ने सनसनी मचा दी थी। फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिल्ली आने से पहले बताया था कि 11 लाख लोग उनकी पार्टी की सदस्यता ले चुके हैं, लेकिन जंतर-मंतर पर चंद हजार भी नहीं पहुंच पाए हैं। आम लोगों का साथ नहीं मिलने की वजह से आहत सीजेपी के प्रवक्ता विजेता दहिया ने दिल्लीवालों के लिए कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया तो 15 अगस्त को आयोजित होने वाले देशभक्ति के कार्यक्रमों को नौटंकी करार दिया।
सीजेपी के प्रवक्ता विजेता दहिया ने एक यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि प्रदर्शन में बहुत से लोग दूसरे राज्यों से आए हैं, लेकिन जो दिल्लीवाले जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाए हैं उन्हें शर्म आनी चाहिए। दहिया ने कहा, 'मैं बस यही कहूंगा कि जंतर-मंतर पर जो लोग आए हैं, उनमें कोई झारखंड से है, कोई बिहार से आया है, कोई असम है। जो यहीं दिल्ली में रहते हैं और एक बार भी अब तक नहीं आ पाए, 24 दिन में एक दिन भी नहीं आए हैं उन्हें मैं सीधे कहता हूं कि शर्म आनी चाहिए।' दहिया ने आगे कहा, 'अगर आपको देश से मतलब ही नहीं है, अभी 15 अगस्त को वह सब नौटंकी मत करना। मैं नौटंकी ही कहूंगा। देश से असली प्यार तो यही है कि आप देश के मुद्दों के लिए, देश के लोगों के लिए आप खड़े हों और वह देश प्रेम आप में ना हो तो क्या फायदा।'
जनता का दिल क्यों नहीं पसीज रहा? दहिया
इस बीच विजेता दहिया का एक वीडियो मैसेज भी वायरल हो रहा है जिसमें वह और लोगों से जंतर-मंतर पर जुटने की अपील करते हुए लोगों से अनशन के अलावा दूसरे विकल्प सुझाने की बात कह रहे हैं। दहिया ने कहा कि सोनम वांगचुक से लगातार अशन खत्म करने की अपील की जा रही है, लेकिन वह सुनने और हार मानने को तैयार नहीं हैं। दहिया ने कहा, 'मैं लोगों से कहता हूं कि विकल्प सुझाइए कि लड़ाई को किस तरह हम जिंदा रख सकते हैं ताकि उन्हें भूख हड़ताल ना करनी पड़े। मैं चाहता हूं कि जनता, विपक्षी दल और सेलिब्रिटीज...सबसे सपोर्ट आए। सरकार का तो दिल पसीज नहीं रहा, लेकिन मैं पूछ रहा कि जनता का दिल क्यों नहीं पसीज रहा? जितने लोग हैं मैं उनसे भी खुश हूं और इन लोगों को सलाम करता हूं कि वो आए। लेकिन मैं बाकी लोगों से पूछता हूं कि वो क्यों नहीं आ रहे हैं?'
20 हजार लोग आते…
दहिया ने एक मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि किस मुंह से सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने को कहा जाए। उन्होंने कहा कि यदि जंतर-मंतर पर 20 हजार लोग भी आते तो वह कह सकते थे कि सपोर्ट मिल रहा है। गौरतलब है कि सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सीजेपी के मंच पर 28 जून से ही अनशन कर रहे हैं।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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