दिल्ली ही नहीं पूरे NCR में बंद होंगे CNG वाले ऑटोरिक्शा, जानें आपके शहर में कब से लगेगी रोक
वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी से चलने वाले ऑटोरिक्शा धीरे-धीरे बंद किए जाएंगे। सीएक्यूएम के आदेश के बाद दिल्ली सरकार ने तो इस पर अमल करने की कवायद शुरू कर दी है।

राजीव शर्मा, नई दिल्ली
दिल्ली के बाद एनसीआर के अन्य हाई व्हीकल डेंसिटी (एचवीडी) जिलों में भी सीएनजी ऑटो के रजिस्ट्रेशन चरणबद्ध तरीके से बंद किए जाएंगे। दिल्ली में एक जनवरी 2027 से ही सीएनजी ऑटो के रजिस्ट्रेशन पर रोक लग जाएगी। इसके एक साल बाद जनवरी 2028 से एनसीआर के पांच प्रमुख शहरों नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में भी इनका रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। जनवरी 2029 से एनसीआर के बाकी जिलों में सीएनजी ऑटो का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। इनमें सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो के ही रजिस्ट्रेशन हो सकेंगे।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम ) की ओर से बीते मई महीने में जारी आदेश के बाद दिल्ली सरकार ने इस पर अमल करने की कवायद शुरू कर दी है। दिल्ली सरकार ने ईवी पॉलिसी 2.0 में एक जनवरी 2027 से सिर्फ ई-ऑटो का रजिस्ट्रेशन करने का प्रावधान किया है।
सीएक्यूएम के मुताबिक, एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम व सोनीपत हाई व्हीकल डेंसिटी जिले हैं। इनमें बड़ी संख्या में सीएनजी ऑटो रजिस्टर्ड हैं, जिनकी वजह से यहां प्रदूषण अधिक रहता है, इसके चलते यह निर्णय लिया गया।
यह है प्रमुख कारण
सीएक्यूएम के मुताबिक, नई गाड़ियों की बिक्री में तीन पहिया वाहनों का हिस्सा करीब 2.2 फीसदी है, मगर एनसीआर में पीएम-2.5 के उत्सर्जन में इनकी हिस्सेदारी लगभग 19% है। 100% ईवी ऑटो फ्लीट बन जाने से एनसीआर में हर साल लगभग 5.5 टन पीएम-2.5 का उत्सर्जन घट सकता है।
पेट्रोल-डीजल वाले हल्के मालवाहक वाहनों परभ रोक की मंजूरी
वहीं, दिल्ली और एनसीआर के एचवीडी वाले जिलों में 2027 से माल ढुलाई के लिए केवल एन1 श्रेणी (3500 किलोग्राम से कम वजन) के हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन करने की अनुमति होगी और 2028 में इस नियम के दायरे में एनसीआर के अन्य सभी जिले लाए जाएंगे।
सीएक्यूएम के सदस्य सचिव तन्मय कुमार पिथोडे ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि एनसीआर के अन्य जिलों में अभी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधारभूत संरचना स्थापित किया जाना बाकी है। पिथोडे का यह बयान तब आया जब 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में सीएक्यूएम ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने की कोशिशों के तहत सीएनजी, पेट्रोल और डीजल से चलने वाले हल्के कमर्शियल वाहनों (एलजीबी) के रजिस्ट्रेशन पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाने की योजना को मंजूरी दी है।
दिल्ली और एनसीआर के उच्च वाहन घनत्व वाले जिलों में 3,500 किलोग्राम से अधिक और 7,500 किलोग्राम तक वजन वाले एलजीबी एन-2 श्रेणी के लिए पाबंदियां 2028 से लागू होंगी। उच्च वाहन घनत्व वाले जिलों में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर शामिल है। हालांकि, एनसीआर के बाकी सभी जिलों में सीएनजी, पेट्रोल और डीजल से चलने वाले एन-2 श्रेणी के हल्के मालवाहक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक 2029 से लागू होगी।
(भाषा के इनपुट के साथ)


