जमीन लेकर काम नहीं करने वालों पर लें ऐक्शन; नोएडा अथॉरिटी से CM योगी, डिजिटल हो सेवाएं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा अथॉरिटी को अपनी सभी सेवाएं डिजिटल करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने दो-टूक कहा कि जमीन लेकर काम नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा अथॉरिटी को अपनी सभी सेवाओं को डिजिटल करने का निर्देश दिया। यही नहीं सीएम ने नोएडा अथॉरिटी से उन आवंटियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने को कहा जो आवंटित जमीन पर विकास कार्य करने में विफल रहे हैं। इसके साथ ही सीएम ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्रेड शो के कर्टेन रेजर (शुरुआती कार्यक्रम) और नोएडा एवं दादरी विधानसभा क्षेत्रों में 2,479 करोड़ रुपये की लागत वाली 70 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अब जब नोएडा अथॉरिटी का अपना मुख्यालय है तो मुझे उम्मीद है कि घर खरीदारों-बिल्डरों और किसानों से जुड़े मुद्दों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान किया जाएगा। अब समय आ गया है कि नोएडा अथॉरिटी अपनी सभी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराए।
सीएम ने कहा कि नोएडा अथॉरिटी को सभी ऑनलाइन सेवाओं की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने नोएडा अथॉरिटी से जमीन ली है लेकिन निवेश नहीं किया है और ना ही काम शुरू किया है। उनको नोएडा अथॉरिटी की ओर से निर्धारित समय सीमा के बाद नोटिस भेज दिया जाना चाहिए। साथ ही नए निवेशकों को आमंत्रित किया जाना चाहिए। इसके लिए एक लैंड बैंक भी बनाया जाना चाहिए।
नोएडा-ग्रेनो देश के पसंदीदा निवेश स्थलों में शुमार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर कभी खराब कानून-व्यवस्था वाला एक उपेक्षित क्षेत्र था। आज यह देश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में शामिल है। इसका श्रेय भाजपा सरकार की बेहतर कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को जाता है। गौतम बुद्ध नगर जिले में एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक आगामी फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, सेमीकंडक्टर यूनिट, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के साथ कई अन्य इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट हैं।
प्रवासी मजदूरों का रोका पलायन
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं। ये आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करने के लिए भी बेहद अहम हैं। यूपी में अब 96 लाख लघु और मध्यम उद्योग औद्योगिक यानी एमएसएमई इकाइयां हैं जो राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही हैं। हमारी सरकार ने MSME से अपील की थी कि वे लौटने वाले कम से कम एक या दो मजदूरों को रोजगार दें। इसका परिणाम यह है कि आज 90 फीसदी से अधिक प्रवासी मजदूर राज्य में ही काम कर रहे हैं।


