
शहर के बाहरी इलाके में शिफ्ट होगी तिहाड़ जेल, योजना पर काम कर रही दिल्ली सरकार; मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताई वजह
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद कानूनी ढांचे को आसान बनाने और प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम करने के लिए सैकड़ों पुराने कानूनों को रद्द कर दिया गया और लगभग 1,500 कानूनों को हटा दिया गया।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ जेल को शहर के बाहरी इलाके में शिफ्ट करने की योजना पर काम कर रही है। इस बात की जानकारी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को दी। उन्होंने कहा कि इसका मकसद जेल कीं भारी भीड़भाड़ को कम करना और जेल की स्थितियों में सुधार करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार बुनियादी न्यायिक ढांचे का विस्तार करने और न्याय तक पहुंच में सुधार के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों को मजबूत करने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने जोर देते हुए कहा कि न्याय देना शासन का मुख्य काम है।
सोसाइटी ऑफ़ इंडियन लॉ फर्म्स (SILF) के 25वें वर्षगांठ समारोह को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा, 'जब तक आसानी से न्याय नहीं मिलने लग जाता, तब तक जीवन में आसानी हासिल नहीं की जा सकती। इसीलिए हम ज़्यादा कोर्टरूम और कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने, फास्ट-ट्रैक अदालतों को मज़बूत करने और तिहाड़ जेल को दिल्ली से बाहर शिफ्ट करने की दिशा में काम कर रहे हैं।'
बता दें कि मौजूदा तिहाड़ जेल का निर्माण साल 1958 में हुआ था, और इसे लगभग 10,026 कैदियों को रखने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन वर्तमान में इसमें 19,500 से ज्यादा कैदियों को रखा जा रहा है, जिसके चलते वहां भारी भीड़भाड़ और सुरक्षा चुनौतियां पैदा हो रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर किए गए कानूनी सुधारों पर भी ज़ोर दिया, और बताया कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद कानूनी ढांचे को आसान बनाने और प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम करने के लिए सैकड़ों पुराने कानूनों को रद्द कर दिया गया और लगभग 1,500 कानूनों को हटा दिया गया।





