
...तब तक प्रदूषण पर समाधाम नहीं निकलेगा; दिल्ली विधानसभा में ऐसा क्यों बोलीं रेखा गुप्ता
दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण कोई दो-तीन महीनों की समस्या नहीं है कि केवल सर्दियों तक सीमित मान ली जाए।
दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण कोई दो-तीन महीनों की समस्या नहीं है कि केवल सर्दियों तक सीमित मान ली जाए। प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमें 12 महीने निरंतर काम करना होगा। इसी के साथ उन्होंने कहा है कि प्रदूषण केवल वायु तक सीमित नहीं है, बल्कि जल, भूमि और वायु-तीनों पर एक साथ काम किए बिना पर्यावरण संरक्षण संभव नहीं है। उन्होंने कहा, तब तक प्रदूषण की समस्या का हल नहीं निकलेगा जब तक दिल्ली का हर नागरिक ये नहीं समझ लेता कि पर्यावरण मेरी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में कहा कि पर्यावरण सरकार के लिए कोई राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि एक साझा जिम्मेदारी है, जिससे प्रत्येक नागरिक और परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है। उन्होंने कहा, 12 के 12 महीने सड़कों पर एजेंसियों को लगातार सक्रिय रखना होगा तभी प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण वास्तव में बेहतर हो पाएगा।
मुख्यमंत्री कहा कि सालों से प्रदूषण की स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ, जिससे यह साफ है कि समस्या का समाधान जमीनी उपायों से ही संभव है। कभी स्मॉग टॉवर बनाकर यह मान लिया गया कि समस्या का समाधान हो गया, तो कभी रेड लाइट पर इंजन बंद करने जैसे सीमित उपायों को ही पर्याप्त कदम बताया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदूषण से जुड़े आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2016 से लेकर 2025 तक प्रदूषण से जुड़े खराब दिनों के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि समस्या बनी हुई है और इसमें मौसम, वाहनों की संख्या, एनसीआर से आने वाली हवाएं और धूल के कण जैसे कई कारक जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कि प्रदूषण किसी एक सरकार या राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की भौगोलिक और संरचनात्मक वास्तविकता से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, दिल्ली में पॉल्यूशन जांच के लिए पहले पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था। इन 11 महीनों में हमारी सरकार ने नंद नगरी और तेहखंड में दो ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों का शिलान्यास किया है। इसके साथ ही बुराड़ी स्थित फिटनेस सेंटर को भी अपग्रेड किया जा रहा है। दिल्लीवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलें, शहर में स्वच्छता रहे और धूल-प्रदूषण कम हो इसी उद्देश्य से हमने MCD को 2300 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी है। इसके अतिरिक्त, कूड़ा उठाने के लिए 500 करोड़ और 175 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, साथ ही हर वर्ष 300 करोड़ रुपये दिल्ली नगर निगम को दिए जा रहे हैं, ताकि नगर निगम अपने दायित्व प्रभावी रूप से निभा सके।
मेट्रो स्टेशन पर साइकिल ई-बाइक सर्विस
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, लोगों की कनेक्टिविटी को आसान बनाने के लिए हमने 17 मेट्रो स्टेशनों पर साइकिल सेवाएं और 50 स्टेशनों पर ई-बाइक सेवाएं शुरू की हैं, जिससे नागरिकों को सुविधा मिले। दिल्ली के इतिहास में पहली बार रिज एरिया को नोटिफाई किया जाना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, अब तक 4200 हेक्टेयर भूमि को फ़ॉरेस्ट के रूप में नोटिफाई किया जा चुका है। दिल्ली को मिला यह ग्रीन कवर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा, पेड़ लगाना कोई वन-टाइम काम नहीं है कि ठेकेदार ने पौधा लगाया और आगे बढ़ गया। अब मंत्री जी की देखरेख में टेंडर की पूरी प्रक्रिया इस तरह तय की गई है कि पूरे वर्ष पौधों की देखरेख करनी होगी और जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय रहेगी।
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सीएम ने कहा, दिल्ली को हरा-भरा बनाने की यह एक ठोस व्यवस्था है। थर्मल पावर पर निर्भरता कम करने के लिए हमारी सरकार सोलर ऊर्जा के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। सोलर के क्षेत्र में हमने न केवल सब्सिडी बढ़ाई है, बल्कि सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने का कार्य भी शुरू किया है। इसके साथ ही, दिल्ली की जनता को सोलर अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।
वार्ता से इनपुट

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Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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